कर्नाटक में सियासी संकट ! 12 विधायको का इस्तीफा.. तीन जगहों पर दिखी राजनीतिक ड्रामेबाजी ! संकटमोचक बनने गए कांग्रेस के डी शिवकुमार, गुलाम नबी आजाद गिरफ्तार !! जाने पूरा मामला 10 बिंदुओं में..

कर्नाटक में चल रहे सियासी संकट के बीच तीन जगहों पर राजनीतिक ड्रामेबाजी दिखी-मुंबई, बेंगलुरू और नई दिल्ली। बुधवार को कांग्रेस के संकटमोचक माने जानेवाले शिवकुमार उन बागी विधायकों से मिलने के लिए मुंबई पहुंचे, जिन्होंने पिछले हफ्ते पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। शिवकुमार ने करीब पांच घंटे तक उन विधायकों का बारिश के बीच इंतजार करते रहे और टेलीविजन इंटव्यू देते समय उन्हें मुंबई पुलिस ने अपनी हिरासत में ले लिया।

जबकि, उधर कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरू में कांग्रेस के सीनियर नेता गुलाम नबी आजाद को राजभवन के बाहर प्रदर्शन करते हुए पुलिस ने हिरासत में ले लिया। कर्नाटक संकट उस वक्त पैदा हुआ जब कांग्रेस के 10 और जेडीएस के 3 विधायकों ने स्पीकर को अपना इस्तीफा देते हुए यह दावा किया कि 224 सदस्यीय विधानसभा में सरकार अल्पमत में आ गई है। जबकि, दो निर्दलीय विधायकों ने भी राज्य के कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार से सोमवार को अपना समर्थन वापस ले लिया। एक निलंबित विधायक ने अलग ये इस बात की पुष्टि की कि वे इस्तीफे दे देंगे। इससे पहले, शनिवार को 12 विधायकों ने अपना इस्तीफा दे दिया था।

अगर इन सभी के इस्तीफे मंजूर होते हैं तो 224 सदस्यीय विधानसभा का यह आंकड़ा घटकर 211 पर आ जाएगा। ऐसी स्थिति में किसी भी पार्टी या गठबंधन को सरकार बनाने के लिए 106 विधायकों के समर्थन की जरुरत होगी।

अब स्पीकर का रोल काफी अहम है। उन्होंने 8 विधायकों के इस्तीफे खारिज कर दिया जबकि पांच अन्य बागी विधायकों से कहा कि वे उनसे आकर मिलें और उनका विधानसभा से इस्तीफा देने का वाजिब कारण है।

आइये जानते हैं कर्नाटक में दिनभर चले सियासी घटनाक्रम की 10 खास बातें-

1- एक तरफ जहां कांग्रेस कर्नाटक में सत्ताधारी गठबंधन सरकार बचाने की पुरजोर कोशिश में जुटी हुई है तो वहीं दूसरी तरफ पार्टी के दो और विधायकों ने बुधवार को अपना इस्तीफा स्पीकर के.आर. रमेश कुमार को भेज दिया है। कांग्रेस विधायक एमटीबी नागराज और के. सुधार उन 14 कांग्रेस-जेडीएस के बागी विधायकों की सूची में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने पिछले हफ्ते विधानसभा से अपना इस्तीफा दे दिया था।

2-जैसे ही यह खबर सामने आयी कि कर्नाटक के नेता मुंबई होटल में बागियों को मनाने के लिए जा सकते हैं, बागी विधायकों ने मुंबई पुलिस को पत्र लिखते हुए अपनी जान को खतरा बताया। उन्होंने कहा कि उनके राज्य के कुछ नेता पवई स्थित रेनिसेन्स मुंबई कन्वेंशन सेंटर होटल में हमला कर सकते हैं।

3-कर्नाटक कांग्रेस नेता और संकटमोचक माने जानेवाले डीके शिवकुमार मुंबई के रेनिसेन्स होटल पहुंचे लेकिन होटल के बाहर लगे पुलिस के पहले को पार करने में नाकाम रहे। होटल में आपात स्थिति बताकर उनकी बुकिंग कैंसिल कर दी गई। जिसके बाद उन्होंने वहां पर इंतजार करने का फैसला किया।

4-शिवकुमार ने कहा- मैं बिना अपने मित्रों से मिले वापस नहीं जाऊंगा… उन्होंने मुझे बुलाया है। उनका दिल टूट जाएगा। मैं उनसे पहले से ही संपर्क में हूं।

5-डीके शिवकुमार की होटल बुकिंग कैंसिल के बाद होटल की तरफसे उन्हें चाय और डोनट्स दिया गया।

6-हालांकि, बागी विधायकों ने कर्नाटक स्पीकर के.आर. रमेश कुमार की शिकायत करते हुए सुप्रीम कोर्ट का रूख किया। इन विधायकों की शिकायत ये हैं कि स्पीकर संवैधानिक रूप से काम नहीं कर रहे हैं और उनके इस्तीफे के स्वीकार करने में देरी की जा रही है।

7-बेंगलुरू में राजभवन आवास के बाहर प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस के सीनियर नेता गुलाम नबी आजाद और अन्य पार्टी नेताओं को हिरासत में ले लिया गया।

8-कर्नाटक के राज्यपाल के साथ बैठक के बाद बीजेपी नेता बीएस येदियुरप्पा ने कहा- मैंने राज्यपाल से यह अनुरोध किया है कि वे स्पीकर से यह बोलें कि उन्हें फौरन आवश्यक कदम उठना चाहिए। कुमारस्वामी के पास मुख्यमंत्री बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है क्योंकि उनके पास नंबर नहीं हैं।

9-मुंबई में, महाराष्ट्र कांग्रेस नेता मिलिंद देवड़ा शिवकुमार से मिलने गए। दोनों को पुलिस ने हिरासत में लिया और उन्हें कलिना यूनिवर्सिटी रेस्ट हाउस लेकर गए। कर्नाटक के मंत्री और विधायक जो उस होटल में गए थे, उन्हें भी बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लैक्स के पुलिस गेस्ट हाउस ले जाया गया।

10-नई दिल्ली में कई कांग्रेस, टीएमसी और अन्य कई विपक्षी दलों ने लोकसभा से वॉकआउट करते हुए बीजेपी पर षडयंत्र रचने और कर्नाटक में सत्ताधारी कांग्रेस-जेडीएस सरकार को अस्थिर करने के लिए खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया। हालांकि, संसदीय कार्यमंत्री प्रहलाद जोशी ने इन आरोपों को बेबुनियाद करार देते हुए यह कहा कि विधायकों का यह इस्तीफा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद हुआ है।