क्या अगले महीने से बेकार हो जाएंगे आपके पास रखे ये पुराने नोट..? जाने RBI का जवाब.. पढ़े पूरी खबर..

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नई दिल्ली: यह खबर 100 रुपये के पुराने नोटों से जुड़ी है, जो आपको सीधे प्रभावित कर सकती है। इस समय मीडिया के कुछ वर्गों में कुछ पुराने करेंसी नोटों (100, 10 और 5 रुपये के) को अगले महीने से चलन से हटाने की खबर चल रही है। जिसके बाद लोगों की टेंशन बढ़ गई हैं और उनके मन में इसको लेकर तमाम तरह के सवाल उठ रहे हैं।

सवाल की क्या वाकई में 100, 10 और 5 रुपये के नोट चलना बंद हो जाएंगे? आखिर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) को ऐसा करने की आवश्यकता क्यों पड़ी।

क्या इसके पहले भी ऐसा हुआ है? या फी पहली बार ऐसा होने जा रहा है। तो आइए आपको बताते हैं कि आपके इन तमाम सवालों को लेकर आरबीआई ने क्या जवाब दिया है।

बंद नहीं होंगे 100 रुपए के नोट: आरबीआई

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने कहा है कि ‘100 रुपये के पुराने नोट बंद हो जाएंगे’ ये सिर्फ एक अफवाह है। आरबीआई के अधिकारियों के मुताबिक बैंकों से कहा गया है कि 100 रुपये के नोट जो 2005 के पहले से हैं, उन्हें सर्कुलेशन से बाहर कर उनकी जगह पर नए 100 रुपये के नोट दिए जाएं।

इन पुराने नोटों को डिनोटिफाई या बंद नहीं किया जा रहा है। आरबीआई ने कहा है कि किसी को भी मार्च के पहले अपने 100 रुपये के पुराने नोट बैंकों में देने की जरूरत नहीं है।

सभी 100 रुपये के पुराने नोट मार्च के बाद भी वैध रहेंगे और चलते रहेंगे। ये निर्देश केवल बैंकों को दिया गया है कि वो पुराने नोटों को आरबीआई को देकर बदल लें।

नोट बदलने की आवश्यकता क्यों पड़ी, क्या ऐसा पहली बार हो रहा है? सबसे पहले तो आपको बता दें कि पुराने से नए नोट बदलना बैंकों के लिए एक सामान्य प्रक्रिया है। ऐसा पहले भी कई बार हो चुका है। मार्च के बाद भी 100 रुपये का नोट Denotify नहीं होगा यानी वैध रहेगा और बंद नहीं होगा। नोट तभी बदला जाएगा जब वो फटा होगा।

मैंगलोर में हुई आरबीआई की एजीएम में रिजर्व बैंक ने बैंकों से कहा है कि वो ‘Clean Note Policy’ को फॉलो करें, यानी साफ सुधरे नोटों को ही सर्कुलेशन में रखे।

रिजर्व बैंक के अधिकारियों ने बताया कि ये निर्देश सिर्फ बैंकों के लिए है, इसलिए लोगों को इससे परेशान होने की जरूरत नहीं। आरबीआई के अधिकारियों ने साफ -साफ कहा है कि पुराने नोट बदलने की कोई जरूरत नहीं है।

नोट बदलने की जरूरत क्यों पड़ती है?

ये बात बहुत कम लोग जानते होंगे कि 2016 की नोटबंदी में 100 रुपये के पुराने नोटों को लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया था। इन पुराने नोटों को बैंक अब चरणबद्ध तरीके से नए नोटों से बदल रहे हैं। ताकि साफ-सुधरे नोट चलन में बने रहे।

दरअसल ये कोई नई बात या नई प्रक्रिया नहीं है। पुराने नोट बदलकर नए नोट देना बैंकों के लिए के बेहद सामान्य प्रक्रिया है। इसे ‘नोटबंदी’ नहीं कहना सही नहीं होगा।

एक और महत्वपूर्ण बात ये हैं कि आरबीआई ने साफ-साफ कहा है कि 10 रुपये के सिक्के के बारे में लोगों को जागरुकता फ़ैलाने की जरूरत है।

फिलहाल इस सिक्के को बंद करने की कोई योजना नहीं है और न ही नकली सिक्के का कोई खतरा है। 10 रुपये की कीमत का सिक्का पहले की तरह ही बाजार में चलता रहे, इसके लिए बैंक को जरूरी कदम उठाने की जरूरत है।