संभावित दंगों के कारण प्रशासन ने आधी रात को जलाया शव! हाथरस आने वाले चार लोग गिरफ्तार! सुप्रीम कोर्ट ने पूछा “हाथरस गवाहों की कैसी हो रही सुरक्षा..? हाथरस मामले की अब तक की अपडेट..

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हाथरस सामूहिक दुष्कर्म मामले में आज उच्चतम न्यायालय में सुनवाई हुई। अदालत ने इस मामले में दायर अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई की और इस मामले को अगले हफ्ते के लिए स्थगित कर दिया। वहीं, सुनवाई के दौरान अदालत ने यूपी सरकार से पूछा कि वह ये बताए कि हाथरस मामले के गवाहों की कैसे सुरक्षा की जा रही है। फिलहा मामले की एसआईटी जांच चल रही है।

संभावित दंगों के कारण प्रशासन ने आधी रात को जलाया

उत्तर प्रदेश सरकार ने अदालत में हलफनामा दाखिल किया और इसमें अदालत से मामले की जांच सीबीआई को सौंपे जाने और अदालत द्वारा इसकी निगरानी किए जाने की मांग की। अदालत में बताया है कि संभावित दंगों के कारण प्रशासन ने पीड़िता के परिवार को रात में शव का अंतिम संस्कार करने के लिए मना लिया था। इसके अलावा सरकार ने दावा किया है कि हाथरस मामले के बहाने राज्य में दंगा कराने की साजिश रची गई थी। 

यहां पढ़ें मामले से जुड़े अपडेट्स

सुप्रीम कोर्ट ने हाथरस की घटना को बताया भयानक
सुप्रीम कोर्ट ने हाथरस मामले पर सुनवाई के दौरान कहा कि यह बेहद ही भयानक घटना है। हम अदालत में दोहराए जाने वाले तर्क नहीं चाहते हैं। 

हाथरस गवाहों की कैसी हो रही सुरक्षा
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से यह पूछा कि वह यह बताएं कि हाथरस मामले के गवाहों की सुरक्षा कैसे की जा रही है। वहीं कोर्ट ने मामले को अगले हफ्ते के लिए स्थगित कर दिया है। 

पीड़िता के गांव पहुंचे येचुरी सहित कई नेता
हाथरस पीड़िता के गांव में राजनेताओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है। मंगलवार को सीताराम येचुरी, डी राजा और वृंदा करात पीड़िता के परिवार से मिलने के लिए पहुंचे हैं।

हिंसा से बचाने के लिए रात में किया गया पीड़िता का अंतिम संस्कार
यूपी सरकार ने अदालत में दिए हलफनामे में कहा कि जिला प्रशासन ने पीड़िता के माता-पिता को सुबह बड़े पैमाने पर होने वाली हिंसा से बचाने के लिए रात में अंतिम संस्कार करने के लिए मना लिया। खुफिया इनपुट के हवाले से संभावना जताई गई गई थी मामले को जाति/ सांप्रदायिक रंग दिया जा सकता है।

यूपी सरकार ने दायर किया हलफनामा
उत्तर प्रदेश सरकार ने आज उच्चतम न्यायालय में हलफनामा दायर किया है। इसमें सरकार का कहना है कि अदालत को हाथरस में लड़की के साथ कथित दुष्कर्म और हमले की सीबीआई जांच के निर्देश देने चाहिए। राज्य सरकार का कहना है कि वो मामले की निष्पक्ष जांच करवा सकती है लेकिन निहित स्वार्थ जांच को पटरी से उतारने के उद्देश्य से कोशिश कर रहे हैं। हलफनामे में कहा गया है कि अदालत को मामले की सीबीआई जांच की निगरानी करनी चाहिए।

पीड़िता के परिवार को मिली सुरक्षा
हाथरस पीड़िता के परिवार की मांग पर उन्हें पुलिस सुरक्षा मिल गई है। थोड़ी देर में मामले की सीबीआई जांच और केस दिल्ली हस्तांतरित करने वाली जनहित याचिका पर उच्चतम न्यायालय में सुनवाई होनी है।

हाथरस आने वाले चार लोग गिरफ्तार
योगी सरकार का कहना है कि हाथरस के बहाने राज्य में दंगा कराने की साजिश रची जा रही थी। इस मामले में दिल्ली से हाथरस आ रहे चार संदिग्धों को मथुरा से गिरफ्तार किया गया है। इनका कनेक्शन पीएफआई से है। इसमें विदेशी फंडिंग होने का दावा किया जा रहा है।

दो याचिकाओं पर होनी है सुनवाई
सर्वोच्च न्यायालय में दो जनहित याचिकाओं पर सुनवाई होनी है। एक याचिका में मामले की सीबीआई या एसआईटी जांच की मांग की गई है। वहीं दूसरी याचिका में सुनवाई यूपी से दिल्ली हस्तांतरित करने की मांग की गई है। साथ ही मामले की जांच शीर्ष अदालत या उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त जज की निगरानी में कराए जाने की मांग की गई है।