तीन महीने तक जुर्म दर्ज नहीं करने पर आईजी ने थाना प्रभारी को किया निलंबित..! पढ़े पूरी खबर…

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जशपुर। नाबालिग किशोरी के अपहरण के मामले में तीन महीने तक मामला दर्ज नहीं करने पर आईजी ने जिले के एक थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया है। निलंबन के एक दिन पूर्व ही एसएसपी ने थाना प्रभारी को लाइन अटैच कर दिया था। जशपुर जिले के सन्ना थाने में पदस्थ थाना प्रभारी जीएल जांगड़े को सरगुजा आईजी आरपी साय ने निलंबित कर दिया।

मिली जानकारी के अनुसार नाबालिग के अपहरण के मामले में पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर यह कार्रवाई की है। रविवार को जशपुर एसएसपी बालाजी राव ने एक आदेश जारी कर थाना प्रभारी को थाना सन्ना के प्रभार से हटाकर पुलिस कार्यालय के शिकायत शाखा भेज दिया था। जीवन लाल जांगड़े की जगह रामलोचन गुप्ता को थाना प्रभारी सन्ना का प्रभार सौंपा था।

पीड़िता के परिजनों ने आईजी से मिलकर बताया कि 26 अक्टूबर को उनकी सोलह वर्षीया किशोरी के अपहरण की सूचना मिलने के बावजूद तीन महीने तक थाना प्रभारी के द्वारा मामला दर्ज किया गया और ना ही इस मामले में कोई कार्रवाई की गई है। परिजनों ने थाना आरोपी के खिलाफ आरोप भी लगाया था के पुलिस ने उनसे दस हजार रुपए की मांग की गई थी। मामले की शिकायत जब आईजी आरपी साय तक पंहुची और शिकायत सही पाए जाने पर आईजी ने थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया।

इस मामले में आईजी आरपी साय ने कहा कि किसी भी थाना चौकी क्षेत्र में ऐसी शिकायत स्वीकार्य नहीं है। तत्काल कठोर कार्रवाई की जाएगी। तीन महीने से मामला दर्ज नहीं लिखना और किशोरी के पिता से ही रकम मांगना कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि मामले में थाना प्रभारी को सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही रेंज के सभी एसपी को निर्देशित किया गया है कि वे ऐसी शिकायत मिलते ही विवेचना अधिकारी या थानेदार को निलंबित कर वैधानिक कार्रवाई करें।