शराब पीते देख चाचा ने जड़ा थप्पड़ तो भतीजों ने मिलकर उतारा मौत के घाट…चाची पर भी किया जानलेवा हमला..दोनो आरोपी गिरफ्तार..!!

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बिलासपुर। भतीजे को शराब पीते देखा तो चाचा ने थप्पड़ जड़ दिया। इससे नाराज भतीजे ने अपने चचेरे भाई के साथ मिलकर उनकी हत्या कर दी। उन्होंने चाची पर हमला किया। उसे मरा समझकर भाग निकले। सरकंडा क्षेत्र में हुई इस वारदात के आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। घटना सरकंडा क्षेत्र की है। चिल्हाटी निवासी तीरथ यादव पिता समारू यादव 40वर्ष की घर से कुछ दूर लाश पड़ी हुई थी। धनवारपारा निवासी तीरथ का भाई धनीराम यादव सुबह घर से नदी की ओर जा रहा था तो उसकी नजर तीरथ पर पड़ी। किसी ने उसकी धारदार हथियार से हत्या कर दी थी। धनीराम वहां से अपने घर आया और अपनी पत्नी उर्मिला के साथ तीरथ की पत्नी कुमारी बाई के घर पहुंचे। कुमारी बाई पलंग पर बेहोश पड़ी थी और सिर से खून बह रहा था।

चोरी का रूप देने पेटी घर से बाहर फेंक दिए थे
टीआई सनिप रात्रे के अनुसार मुकेश कुमार व रोहित ने वारदात को अंजाम देने के बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए उसके घर की पेटी को बाहर लाकर फेंक दिया था पर पुलिस की जांच की दिशा नहीं भटकी।

चचेरे भाई के साथ बनाई योजना
शाम को वह अपने चचेरे भाई रोहित यादव के साथ मिलकर शराब पी और तीरथ राम की हत्या करने की योजना बनाई। योजना के मुताबिक रात करीब 10 बजे दोनों टांगी लेकर तीरथ के घर गए पर वह नहीं मिला। उसकी पत्नी कुमारी बाई से पूछा तो उसने नहीं बताया। मुकेश व रोहित वहां से नदी की ओर आ गए और चाचा को फोन कर मछली मारने के बहाने बुलाया। तीरथ जैसे ही करीब आया तो दोनों ने उस पर टांगी से हमला कर दिया। इससे उसकी तत्काल मौत हो गई।

रात को दोनों को तीरथ के घर जाते हुए देखा गया था
सीएसपी निमिषा पांडेय के अनुसार पुलिस को जांच में पता चला कि रविवार रात को तीरथ को ढूंढते उसके भतीजे मुकेश यादव उर्फ मुक्कु 19वर्ष व उसका चचेरा भाई रोहित कुमार 22वर्ष उसके घर की ओर गए थे। दोनों घर से गायब मिले। दोनों गांव में ही थे। पुलिस ने इनमें से मुकेश यादव को पकड़ा। पहले उसने पुलिस को गुमराह किया लेकिन बारीकी से पूछताछ करने पर वह टूट गया और अपने चाचा तीरथराम यादव की हत्या करना कबूल लिया। इस वारदात को उसने अपने चचेरे भाई रोहित कुमार के साथ मिलकर अंजाम दिया था। पुलिस ने रोहित को भी गांव में ही पकड़ लिया। मुकेश ने पुलिस को बताया कि तीरथ राम का गांव में प्रभाव था। वह समाज का मुखिया भी था और गलत काम करते देखकर गांव के लोगों को मना करता व उन्हें डांटता भी था। इससे मुकेश नाराज था।