सेकंड हैंड वाहन बेचना हुआ आसान..नही लगाने पड़ेंगे आर टी ओ के चक्कर.. जानिए क्या है नियम!!

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रायगढ़। कोरोना काल में परिवहन विभाग से नए लाइसेंस और आर सी बुक के रिन्यूवल करने हेतु भी लंबे लंबे लाइन का सामना आमजनों को करना पड़ता है।वैसे में नवरात्रि के बाद धनतेरस और दीपावली का सीजन आने को है और परंपरा के मुताबिक नए सामानों की खरीदी बिक्री भी प्रारम्भ होने को है।

ऐसे में बहुत सी सेकंड हैंड गाड़ियो की बिक्री होती है।जिसमें बिक्री करने वाले को नाम हस्तांतरण के लिए बार-बार भरी भीड़ और लाइन का सामना करना पड़ता है।लेकिन प्रदेश में अब वाहन की बिक्री के बाद आरटीओ कार्यालय में चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और ना ही आरटीओ एजेंट को मोटी रकम देनी पड़ेगी।

दरअसल परिवहन विभाग ने प्रदेश भर में ऑनलाइन दस्तावेज जमा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वाहन स्वामी वाहन बेचने के बाद खुद घर बैठे परिवहन विभाग की वेबसाइट पर दस्तावेज अपलोड कर सकेंगे। इससे लोगों का समय और पैसा बचेगा। दूसरी ओर आरटीओ कार्यालय में फाइलों के अंबार से निजात मिलेगी। इससे फर्जी दस्तावेज बनाकर आपकी गाड़ी कोई नहीं बेच सकेगा। ऐसा प्रयास करने वाला परिवहन विभाग से नहीं बच पाएगा।

परिवहन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक प्रदेश भर में एक माह में करीब दस हजार तथा एक साल में एक लाख 20 हजार सेकंड हैंड वाहनों की खरीदी-बिक्री होती है। वाहन बेचने के बाद वाहन स्वामी को वाहन के पेपर आरटीओ कार्यालय में जमा करना पड़ता है। कई बार कार्यालय में कर्मचारियों के न रहने पर वापस लौटना पड़ता है। परेशानी से बचने के लिए लोग स्वयं पेपर जमा न कर दलालों का सहारा लेते हैं और दलाल उनकी जेब पर डाका डालते हैं। लेकिन अब वाहन स्वामी परिवहन.जीओवी.इन साइट पर जाकर वाहन की खरीदी-बिक्री के पेपर घर बैठे अपलोड कर सकते हैं।

परिवहन विभाग के अधिकारी ने बताया कि आरटीओ कार्यालय में हर माह औसतन 10 से अधिक मामले ऐसे आते हैं, जिनमें वाहन स्वामी को पता नहीं रहता और डुप्लीकेट कॉपी से उनके वाहन बिक चुके होते हैं। कुछ मामले ऐसे भी होते हैं कि वाहन स्वामी खुद वाहन को बेच देता है और बाद में मुकर जाता है। अब वाहन बेचने के बाद जिस आइडी से वाहन के पेपर वेबसाइट पर अपलोड होंगे, उसे आसानी से ट्रेस किया जा सकेगा। इससे फर्जीवाड़े पर लगाम लगेगी।