भारत में कोविड-19 के 46,790 नये मामले सामने आए; करीब तीन महीने बाद दैनिक मामले 50,000 से कम

नई दिल्ली, 20 अक्टूबर। भारत में करीब तीन महीने बाद कोविड-19 के दैनिक नए मामले 50,000 से कम आए। कोरोना वायरस संक्रमण के नये दैनिक मामले कम होकर अब 46,790 पर आ गये। इन नये मामलों के साथ देश में अब संक्रमण के कुल मामले 75,97,063 हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा मंगलवार सुबह आठ बजे अद्यतन किए गए आंकड़ों के अनुसार, एक दिन में कुल 46,790 नये मामले सामने आए, जबकि पिछले 24 घंटे के अंतराल में बीमारी से 587 और मौतें होने से देश में अब इस महामारी में मरने वाले लोगों की संख्या 1,15,197 हो गई।

देश में इससे पहले कोविड-19 के 50,000 से कम नये मामले 28 जुलाई को आए थे, जिस दिन 47,703 नए मामले सामने आए थे।

देश भर में कोविड-19 से एक दिन में होने वाली मौतों की संख्या लगातार दूसरे दिन 600 से कम रही।

देश में कोरोना वायरस संक्रमण से ठीक हुए लोगों की संख्या 67 लाख के पार हो गई, जबकि उपचाराधीन मरीजों की संख्या लगातार चौथे दिन आठ लाख से नीचे रही।

आंकड़ों के अनुसार, देश में उपचाराधीन मरीजों की संख्या 7,48,538 है, जो कुल मामलों का 9.85 प्रतिशत है।

देश में अब तक कुल 67,33,328 लोग इस बीमारी से ठीक हो चुके हैं, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर मरीजों के ठीक होने की दर बढ़कर 88.63 प्रतिशत हो गई है, जबकि मृत्यु दर 1.52 प्रतिशत है।

भारत में कोविड-19 के मामले सात अगस्त को 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितंबर को 40 लाख, 16 सितंबर को 50 लाख, 28 सितंबर को 60 लाख और 11 अक्टूबर को 70 लाख का आंकड़ा पार कर गए थे।

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अनुसार, 19 अक्टूबर तक देशभर में कुल 9,61,16,771 नमूनों की जांच की गई है। सोमवार को 10,32,795 नमूनों की जांच हुई।

देश में हुई 579 नई मौतों में महाराष्ट्र में 125, कर्नाटक में 64, पश्चिम बंगाल में 63, छत्तीसगढ़ में 56, तमिलनाडु में 49 और दिल्ली में 31 मौतें हुई हैं।

देश में इस महामारी से अब तक कुल 1,15,197 मौतें हुई हैं, जिनमें महाराष्ट्र में 42,240, तमिलनाडु में 10,691, कर्नाटक में 10,542, उत्तर प्रदेश में 6,685, आंध्र प्रदेश में 6,453, पश्चिम बंगाल में 6,119, दिल्ली में 6,040, पंजाब में 4,029 और गुजरात में 3,643 मौतें हुई हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि 70 प्रतिशत से अधिक मौतें मरीजों में अन्य बीमारियां होने के कारण हुईं।

मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर कहा, “हमारे आंकड़ों का आईसीएमआर के आँकड़ों के साथ मिलान किया जा रहा है।