आरके फर्नीचर मार्ट में छापा..सौ से ज्यादा बीजा व साल के गोले जब्त..!!

रायगढ़। छातामुड़ा स्थित आरके फर्नीचर मार्ट में सोमवार की दोपहर वन विभाग की टीम ने दबिश दी। टीम को जांच में फर्नीचर मार्ट के भीतर लगभग आठ लाख रुपए से अधिक कीमत की अवैध साल व बीजा गोला मिले। मौके पर प्रारंभिक जांच के बाद टीम ने मार्ट संचालक से लकड़ियों से संबंधित दस्तावेज की मांग की, लेकिन देर शाम तक संचालक दस्तावेज पेश नहीं कर पाए। ऐसे में रेंज की रेंजर लीला पटेल की मौजूदगी में देर शाम आरके फर्नीचर मार्ट सील कर दिया। मार्ट संचालक द्वारा चोरी की लकड़ी का कारोबार करने की टीम विभाग को मिली थी। डीएफओ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए रेंजर राजेश्वर मिश्रा और प्रशिक्षु रेंजर लीला पटेल के नेतृत्व में टीम गठित कर जांच के निर्देश दिए। दोपहर करीब 10 से ज्याद आरए और बीट के साथ छातामुड़ा स्थित आरके फर्नीचर मार्ट पहुंची और जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में भी मार्ट के भीतर रखे अधिकांश बीजा और साल गोले में हैमर के निशान नहीं मिले। फिलहाल मामले में विभाग इसके बाद यहां मौजूद लगभग सौ से अधिक लकड़ी गोले को जब्त कर विभाग द्वारा ने फर्नीचर मार्ट सील कर दिया है।

धरमजयगढ़ से लकड़ी मंगाने की दी जानकारी
कार्रवाई के दौरान पूछताछ में मिल संचालक ने लकड़ियों का कारोबार धरमजयगढ़ से करने की बात बताई है। विभाग धरमजयगढ़ के लोगों से भी मामले में पूछताछ कर सकती है। फिलहाल रेंजर राजेश्वर मिश्रा जांच में और भी कई बड़े नाम सामने आने की बात कह रहे हैं। इस तरह का कारोबार लंबे समय से मिल संचालक करते आ रहे है, लेकिन सबूत नहीं होने के कारण कारोबारी हर बार बच जाते हैं।

Advertisement

बार-बार लग रहे थे आरोप इसलिए कार्रवाई
सप्ताह भर पहले भी पुलिस ने करीब 2 लाख रुपए के 11 नग साल गोला बंगुरसिया में पकड कर वन विभाग को सुपुर्द किया था। लगातार पुलिस की कार्रवाई से विभाग के कार्यशैली पर पर वन सरंक्षण समिति के सदस्यों द्वारा आरोप लग रहे थे। यही वजह है कि विभाग ने बड़ी कार्रवाई फर्नीचर मार्ट में की है।

मंगलवार की शाम को पता चलेगा कितनी हुई गड़बड़ी
“टीप मिली थी कि आरके मार्ट संचालक चोरी की लकड़ी का परिवहन कर रहा है। इसलिए विभाग ने टीम गठित कर मार्ट की जांच कराई है। मौके पर बीजा और साल गोला बरामद हुए हैं। फिलहाल विभाग इन गोलों में विभागीय हैमर की जांच और लकड़ियों के निशान की जांच कर रहा है। कल शाम तक पूरी कहानी स्पष्ट हो जाएगी।”
-मनोज पांडेय, डीएफओ वन मंडल रायगढ़