रायगढ़/ अपने ही समाज के लड़की का पहले पीछा किया.. इजहार किया.. परिवार वालों से मिलाया.. शादी के नाम खेलता रहा उसकी अस्मत के साथ..! 30 नवंबर को तय हुई थी शादी; ऐन वक्त पर कर दिया फिर से इनकार, 376 के तहत पहुँचा जेल..! इस हाईप्रोफाइल मामले में कोतवाली में लगा दिग्जजो का जमावड़ा.. जानिए पूरा मामला..

5,105 views

रायगढ़। कोतवाली क्षेत्र से एक सनसनीखेज दुष्कर्म का मामला प्रकाश में आया है। यहां एक युवक ने अपनी ही समाज की एक युवती के साथ मेलजोल बढ़ाया। अपने परिवार वालों से भी मिलाया। इसके साथ साथ लगातार उसकी आबरू से खेलता रहा। इस बारे में आरोपी के माता-पिता को भी मालूम था। जिसके बाद उन्होंने दोनों की शादी करा देने की बात कही थी। तारीख भी तय कर दी गई थी। मगर तारीख से ठीक पहले दांवपेच कर शादी से मना कर दिया गया। थक हार कर पीड़िता दूसरी बार कोतवाली पुलिस की शरण में आई। जिसके बाद अपराध कायम कर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत जेल भेज दिया गया है। इस मामले को लेकर पूरी रात कोतवाली में काफी हंगामा रहा। काफी रसूखदार लोग वहां आरोपी की पैरवी करने भी पहुंचे थे।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक पीड़िता ने पुलिस को बताया कि नवंबर 2017 में समाज के कार्यक्रम के दौरान आरोपी निर्मल अग्रवाल निवासी पार्क एवन्यू कॉलोनी से उसकी मुलाकात हुई थी। जिसके बाद आरोपी उसका पीछा करने लगा और उसके बाद मुलाकातें। एक ही समाज के होने के कारण मुलाकात के दौरान शुरू में वह घरेलू बातें करता था। फिर उसे पसंद करने की बात कह कर आरोपी निर्मल ने उसे अपने माता-पिता से भी मिलवाया। जहां परिजनों ने उन दोनों की शादी की बात कही।

शादी के लिए विश्वास में लेने के बाद आरोपी निर्मल ने पीड़िता के घर में एवं कई जगहों पर उसने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाएं। इस बात की जानकारी आरोपी के माता-पिता को भी थी। पीड़िता ने बताया कि आरोपी के माता-पिता ने शारीरिक संबंध की बात किसी को भी ना बताने को कहा। नहीं तो शादी तोड़ देने की धमकी भी दी। काफी दिनों तक जब आरोपी के परिजनों द्वारा विवाह को लेकर पीड़िता के परिजनों से कोई बातचीत नहीं हुई। पीड़िता द्वारा शादी का दबाव बनाए जाने पर आरोपी निर्मल उसके परिजनों द्वारा पीड़िता के घर जाकर काफी गाली गलौज और हंगामा 14 जून 2020 को किया गया और शादी से साफ इंकार कर दिया गया। जिसके बाद 16 जून को पीड़िता के द्वारा कोतवाली थाने में लिखित आवेदन दिया गया।

कोतवाली थाने में शिकायत के बाद आरोपी और पीड़ित पक्ष कि समाज के लोगों के बीच बैठक हुई। जिसमें उन दोनों के शादी का फैसला लिया गया। सामाजिक नियम के अनुसार 23 जून को लड़की का रोका तय किया गया। जिसे शहर के अंश होटल में पीड़ित और आरोपी दोनों के परिवार के उपस्थिति में रोका का कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम के बाद लड़की ने अपनी शिकायत कोतवाली थाने से वापस ले ली। इसके साथ ही 30 नवंबर 2020 को शादी की तारीख तय कर दी गई।

तय की गई शादी की तारीख से करीब एक महीना पहले 2 नवंबर को आरोपी के पिता राजेश अग्रवाल ने अपने पुराने शनी मंदिर स्थित प्रतिष्ठान लिटिल थिंग्स में पीड़िता को फोन करके बुलाया गया। जहां उससे कुछ दस्तावेजों पर साइन कराए गए। शुरू में पीड़िता ने अपने माता-पिता की इच्छा के बिना उस पर साइन करने से मना किया, मगर जब शादी तोड़ने की बात हुई तो पीडिता ने दस्तखत कर दिए। पीड़ित के माता-पिता द्वारा दस्तावेज मांगे जाने पर काफी टालमटोल के बाद एक दस्तावेज की फोटोकॉपी दिया गया जबकि दूसरे दस्तावेज के बारे में जरूरी ना बता कर फाड़ कर फेंक दिया गया।

हिरासत में आरोपी निर्मल

पीड़िता ने बताया कि इस दौरान आरोपी निर्मल अग्रवाल के पिता राजेश अग्रवाल द्वारा खुद अपने बेटे की बुराई करते हुए कई बार उसे फोन कर शादी करने से मना करने के लिए कहा गया। पीड़िता को शादी करने का विश्वास दिला कर उसके साथ कई बार निर्मल अग्रवाल ने शारीरिक संबंध बनाए। दूसरी बार शादी से इंकार किए जाने के कारण उसकी काफी सामाजिक प्रतिष्ठा का हनन हुआ है। काफी आहत होकर पीड़िता ने इसकी शिकायत 13 दिसंबर को कोतवाली पुलिस ने की। जिसके बाद पीड़िता की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने आईपीसी धारा 376 के तहत आरोपी निर्मल अग्रवाल को पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। इसी बीच खबर है कि पीड़िता को जान से मारने की धमकी तक मिल रही है। जिसकी शिकायत लेकर वह कोतवाली पुलिस पहुंची है। फिलहाल पुलिस उसकी शिकायत पर भी जांच कर रही है। खबर लिखे जाने तक कार्यवाही जारी है।