छत्तीसगढ़ / अध जली लाश की गुत्थी सुलझी..! फिरौती के लिए अपहरण फिर कार में की हत्या..! डिक्की में शव डालकर ले गए थे जंगल..! पढ़ें पूरी खबर…

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बैकुंठपुर. कोरिया जिले के मनेंद्रगढ़ विकासखंड अंतर्गत खोंगापानी चौकी क्षेत्र के एक बिजली मिस्त्री की हत्या के बाद शव जलाने वाले 4 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। झगराखांड एवं जीपीएम जिले की पुलिस ने शव मिलने के 24 घंटे के भीतर ही हत्या की गुत्थी सुलझा ली। पूर्व परिचित आरोपियों ने बिजली मिस्त्री का अपहरण इसलिए किया था ताकि फिरौती मांग सकें।

पकड़े जाने के डर से उन्होंने कार में उसकी हत्या कर दी और डिक्की में शव छिपाकर जीपीएम जिले के नई लेदरी जंगल में ले गए और जला दिया था। पुलिस को अधजला शव मिला था। पुलिस ने चारों आरोपियों को जेल भेज दिया है। गौरतलब है कि मृत बिजली मिस्त्री का पिता कुछ दिन पूर्व एसईसीएल से रिटायर हुआ था। रिटायरमेंट के बाद मिले रुपए पर आरोपियों की नजर थी।

खोंगापानी चौकी अंतर्गत एकतानगर निवासी राघवेंद्र पटेल पिता गणपति पटेल 34 साल प्राइवेट बिजली मिस्त्री था। उसके पिता कुछ दिन पूर्व ही एसईसीएल से रिटायर हुए थे, इसमें उसे लाखों रुपए मिले थे।

इधर खोंगापानी के ही ऋषि रैदास, रविशंकर श्रीवास्तव व संतोष चौधरी तथा कपिलधारा बिजूरी निवासी काजल मन्ना की उक्त रुपयों पर नजर थी। रुपए ऐंठने उन्होंने प्लान बनाया। प्लान के अनुसार राघवेंद्र का अपहरण कर फिरौती मांगने से उन्हें काफी रुपए मिल जाते।

इसी बीच 13 जून की रात ऋषि रैदास ने राघवेंद्र को काम के बहाने बिलासपुर ले जाने की बात कही। प्लान के अनुसार ऋषि, रविशंकर व काजल मन्ना कार क्रमांक सीजी 16 सीएम-5277 में उसे बैठाकर अपने साथ ले गए। आरोपी संतोष चौधरी स्कूटी से पीछे-पीछे आ रहा था।

गमछे से गला दबाकर की हत्या
शहर से निकलने के बाद जंगल के रास्ते में सभी ने शराब पी। आरोपियों ने मृतक राघवेंद्र पटेल को जानबूझकर अधिक शराब पिलाई। अधिक शराब पी लेने से वह बेहोश हो गया। आरोपियों को लगा कि मृतक उन्हें पहचान चुका है और इसका अपहरण करके छुपाने पर समस्या हो सकती है।

इस डर से बेहोशी की हालत में काजल मन्ना एवं ऋषि चौधरी ने कार में ही गमछे से गला दबाकर राघवेंद्र पटेल की हत्या कर दी। इसके बाद चारों आरोपियों ने मृतक के शव को गाड़ी से निकालकर डिक्की में बंद कर दिया। फिरआरोपी संतोष चौधरी अपनी स्कूटी से वापस झगड़ाखांड लौट गया।

बाकी तीनों आरोपी शव को डिक्की में छिपाकर पोंडी-खडग़वां के रास्ते जीपीएम जिले के सेमरदर्री क्षेत्र में आए। रात में सुनसान जगह देखकर शव के ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। फिर तीनों वहां से वापस बरौर बेरियर से होते हुए झगराखांड की ओर चले गए।

पुलिस गिरफ्त में आरोपी

पुलिस ने ऐसे किया गिरफ्तार
युवक का शव 15 जून की शाम उक्त जंगल में मिला था। मरवाही पुलिस ने घटनास्थल के पास मिले तनिष्क कंपनी के पानी बॉटल को सुंघा तो उसमें से पेट्रोल की महक आ रही थी। उक्त कंपनी के बॉटल के बैकुंठपुर, चिरमिरी व कोल माइंस एरिया में अधिक मिलने पर इन थानों की पुलिस से संपर्क कर युवक के अधजले शव का फोटो भेजा।

इधर खोंगापानी चौकी में युवक की गुमशुदगी की दर्ज रिपोर्ट के आधार पर पुलिस उसके परिजन को लेकर पहुंची तो उसकी पहचान राघवेंद्र पटेल के रूप में हुई। इस आधार पर पुलिस को मृतक के मोबाइल से ऋषि रैदास का नंबर मिला।

घटना दिवस की रात्रि ऋषि रैदास के मोबाइल का लोकेशन उक्त क्षेत्र में बता रहा था। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की तो वह टूट गया और हत्या कर शव जलाने की बात स्वीकार कर ली।

हैं पकड़े गए आरोपी
पकड़े गए आरोपियों में कोरिया जिले के झगराखांड़ थाना क्षेत्र अंतर्गत खोंगापानी निवासी ऋषि रैदास पिता पिता सुग्रीव रैदास 38 साल, काजल कुमार मन्ना पिता हरिपद मन्ना 45 साल कपिलधारा कॉलोनी थाना बिजुरी, रविशंकर श्रीवास्तव पिता मोहनलाल श्रीवास्तव उम्र 37 साल निवासी खोंगा पानी तथा संतोष चौधरी पिता देव शरण चौधरी 39 साल निवासी खोंगापानी शामिल हैं। पुलिस ने चारों को धारा 302, 201,120(बी), 34 के तहत न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

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