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जिगोलो बनाने के नाम पर अब रायगढ़ में भी चल रहा ठगी का ऑनलाइन व्यापार…आगे पढ़िए!

रायगढ़। शहर में इन दिनों जिगोलो (पुरूष- वेश्यावृत्ति) बनाने और देह व्यापार के नाम से बड़े पैमाने पर ठगी का कारोबार चल रहा है। सोशल मीडिया में लड़कियों के नाम पर कई प्रोफ़ाइल बने हुए हैं जिनमे जिगोलो की नौकरी के लिए ऑफर दिया जाता है। रायगढ़ में बीते कुछ महीनों में इस गैंग ने कई युवाओं के साथ ठगी की है। हालाकि खुद को बदनामी से बचाने के चक्कर में कोई भी पीड़ित आगे आकर पुलिस शिकायत नहीं करना चाहता। इस गैंग की तरफ से सोशल मीडिया में प्रचार धड़ले चल रहा है इसमें बेरोजगार युवाओं को बड़े घरानों की औरतों के साथ सेक्सुअल प्लेजर के बदले में मोटी रकम देने का लालच दिया जाता है। जिसके बाद झांसे में आए युवको से रजिस्ट्रेशन के नाम पर हजारों रुपये ठग लिए जाते हैं।

ठगी करने के लिए दिखाए जाने वाले फर्जी डॉक्यूमेंट

सूत्रों के अनुसार, भारत में लगभग अनेकों क्षेत्रों में जिगोलो गैंग सक्रिय है। ये लोग ऑनलाइन रोजगार तलाशने वाले बेरोजगार युवाओं को ठगी का शिकार बना रहे हैं। जिसके लिए गैंग की तरफ से इंटरनेट माध्यमों के साथ-साथ समाचार पत्रों में पार्ट टाइम जॉब के विज्ञापन दिए जाते हैं। ऐसे में बेरोजगार युवा रोजगार मिलने के लालच में इन विज्ञापनों में दिए फोन नंबर पर कॉल करते हैं। जिसके बाद ठगी का खेल शुरू हो जाता है।

सेक्सुअल प्लेजर के बदले मोटी रकम का झांसा

फोन करने पर जिगोलो गैंग में शामिल लड़कियां पहले कॉलर से उसकी उम्र और पता पूछती हैं। जिसके बाद कॉलर को उनका काम बताया जाता है। इस दौरान गैंग के लोग कॉल करने वाले को बड़े घरानों की औरतों व विदेश गए लोगों की पत्नियों के साथ सेक्सुअल प्लेजर के बदले मोटी रकम मिलने का लालच देते हैं। जिस पर कॉल करने वाले कई युवक शारीरिक सुख के साथ-साथ मोटी रकम मिलने के लालच में उनके झांसे में आ जाते हैं।

वन टाइम रजिस्ट्रेशन के नाम पर होती है ठगी

हमें प्राप्त जानकारी के अनुसार, झांसे में आए युवकों से वन टाइम रजिस्ट्रेशन कराने के लिए कहा जाता है। जिसके लिए संबंधित युवक को मेसेज के जरिए बैंक अकाउंट नंबर दिया जाता है। जिसमें युवकों से रजिस्ट्रेशन के नाम पर हजारों रुपये ट्रांसफर करा लिए जाते हैं। इसके बाद कॉलर के नंबर को ब्लॉक कर दिया जाता है।

रजिस्ट्रेशन के नाम पर ऐसे लेते हैं ये पैसे

शर्म के चलते लोग नहीं कराते एफआईआर

पीड़ित युवकों में से कोई भी व्यक्ति शर्म व लोक-लाज के चलते लिखित शिकायत देने को तैयार नहीं है।

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