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रायगढ़ / दवा के नाम पर बेचता था नशा ! क्लीनिक पर छापा, झोलाछाप डॉक्टर गिरफ्तार ! नशीले टेबलेट व नगदी जप्त ! तमनार पुलिस की कार्यवाही ! पढ़ें खबर…

रायगढ़/ छत्तीसगढ़ में नवपदस्थ डीजीपी अशोक जुनेजा द्वारा लगातार अवैधकारोबारियों नशे के सौदागरों पर कार्यवाही करनें के निर्देश विभाग के अधिकारियों को दिया गया है । मुख्यमंत्री भुपेश बघेल की तीखे तेवर के बाद पुलिस महकमे में लगातार फेर बदल भी किये जा रहे है ।

रायगढ पुलिस कप्तान अभिषेक मीणा ने भी जिले के अवैधकारोबारियों और नशे के सौदागरों को धरपकड़ कर कार्यवाही करंनें के निर्देश सभी थाना प्रभारियों को दिया गया है। आज तमनार पुलिस को मुखबीर से सुचना मिली की थाना क्षेत्र अंतर्गत सलिहाभाठा चौक (चार नंबर) गेट के समीप झोला छाप बंगाली डॉक्टर के द्वारा अवैध नशीली प्रतिबंध दवाई की बिक्री की जा रही है। सूचना मिलने पर तमनार पुलिस डॉक्टर के क्लीनिक पर पहुंची और जांच पड़ताल कर उसे हिरासत में लिया।

तमनार थाना प्रभारी एल पी पटेल ने बताया की पुलिस अधीक्षक अभिषेक मीणा के दिशानिर्देश व ए एस पी लखने पटले व धरमजयगढ़ एस डी ओ पी दिपक मिश्रा के मार्गदर्शन में लगातार अवैध कारोबारियों की पता साजी की जा रही है, साथ ही पाए जाने पर कार्यवाही भी की जायेगी , शराब जुवा , गांजा प्रतिबंधित नाशीली दवाइयों के विक्रेताओं की तलाश लगातार तमनार पुलिस कर रही है । इसी तारतम्य में आज शाम करीबन 5 बजे आरक्षक अरविंद पटनायक को मुखबिर से सूचना मिली की सलिहाभाठा चौक पर व्यक्ति द्वारा प्रतिबंधि नशीली दवाई बिक्री कर रहा है। सुचना पर घेरा बंदी कर रेड कार्यवाही की गई।

मौके से पुलिस ने आरोपी डॉक्टर के पास से spasmo proxyvon plus लगभग 2014 नग जप्त की गई है ।जिसकी किमत लगभग 20000 बताई जा रही है। साथ ही 8000 रूपय नगद भी जप्त की गई है।आरोपी का नाम भावेश बानिक पिता श्याम लाल बानिक उम्र 55 वर्ष, साकिन कलकत्ता का बताया जा रहा है जो अभी वर्तमान में सलिहाभाठा चौक के पास रहकर क्लिनिक संचालन करता है, जिसके खिलाफ आई पीसी की धारा 21 बी एन डी पी एस के तहत अपराध पंजीबध कर रिमांड पर भेज दिया गया है।

उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी एल पी पटेल, प्रधान आरक्षक उमाशंकर धृतांत ,आरक्षक अरविंद पटनायक , कौशल वस्त्रकार ,किशोर कुलु की अहम भूमिका रही।

पहले भी की जा चुकी है कार्रवाई

लगभग 2 वर्ष पहले भी स्वास्थ्य और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम द्वारा इन्ही झोलाछाप डॉक्टरों के ग्रुप पर कार्यवाही करते हुए क्लीनिक को सील कर दिया गया था। जिसके बाद भी डॉक्टर सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं।

गंभीर बीमारियों का डर दिखाकर वसूलते हैं मोटी रकम

लोगों से मिली जानकारी के अनुसार उक्त जगह पर स्थित क्लीनिक के अन्य डॉक्टरों के द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में घूम घूम कर इलाज करने का काम किया जा रहा है। झोलाछाप डॉक्टरों के द्वारा भोले भाले नासमझ ग्रामीणों को गंभीर बीमारियों का डर दिखाकर मनमाने पैसों की वसूली करने की बात भी सामने आ रही है।

आखिर क्लीनिक क्यों नहीं हो रही पूरी तरह से बंद ?

पूर्व में पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम द्वारा इन झोलाछाप बंगाली डाक्टरों पर कार्रवाई की गई थी जिसके बाद क्लीनिक को सील कर दिया गया था। क्लिनिक सील करने के बावजूद कुछ दिनों के बाद जब मामला शांत हुआ तो इन डॉक्टरों के द्वारा क्लीनिक का मुख्य द्वार को बंद कर अंदर ही अंदर इलाज किया जा रहा है।

कोई बड़ी घटना का इंतजार

अक्सर यह सुनने को मिलता है कि उक्त जगह पर झोलाछाप डॉक्टर द्वारा इलाज किये जाने से किसी व्यक्ति की मौत हो गई है। क्या स्वास्थ्य विभाग की टीम इन झोलाछाप डॉक्टरों पर कड़ी कार्यवाही ना करके इसी प्रकार की घटना का इंतजार कर रही है। यह बात समझ से परे है कि इन डॉक्टरों पर किसका हाथ है..? किन के सरपरस्ती पर यह काला खेल खेला जा रहा है !

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