छत्तीसगढ़ / दर्दनाक सड़क हादसा.. तेज रफ्तार वाहन अनियंत्रित होकर पलटी.. दो की मौत,आठ गंभीर..!

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रायपुर।मैनपुर से 14 किमी दूर नेशनल हाईवे रायपुर-देवभोग पर धवलपुर से आगे पारागांव के पास तेज रफ्तार बोलेरो के टायर फटने के बाद अनियंत्रित होकर पलट गई। जिससे दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई वहीं आठ लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। बोलेरो में सवार लोग आरटीओ काम से गरियाबंद आए थे जो दोपहर बाद वापस लौटते समय बड़े हादसे का शिकार हो गए। मैनपुर पुलिस ने घायलों को संजीवनी एक्सप्रेस के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मैनपुर लाया। जहां से गंभीर रूप से घायलों को जिला अस्पताल रेफर किए जाने की जानकारी मिली है। मैनपुर पुलिस थाना प्रभारी सत्येन्द्र सिंह श्याम ने बताया कि शनिवार दोपहर दो बजे के आसपास बोलेरो क्रमांक सीजी 05, यू 1285 में 10 लोग सवार होकर गरियाबंद से मैनपुर की तरफ आ रहे थे।

इसी बीच मुख्य मार्ग पर धवलपुर के आगे पारागांव पुल के पास तेज रफ्तार बोलेरो साइड देते वक्त अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। हादसे में चालक निरंजन पात्र व चरण सिंह मांझी की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं राजन गोड़ (21 वर्ष) उमरकोट, महादेव सरकार (32 वर्ष) कोटिपदर, बुधराम (40 वर्ष), श्याम (30 वर्ष), माना रावत, केशरी पात्र, हठी गोड़ समेत एक अन्य उमरकोट ब्लाक निवासी घायल हुए हैं। बोलेरो में सवार लोग आरटीओ काम से गरियाबंद आए थे जो दोपहर बाद वापस लौटते समय बड़े हादसे का शिकार हो गए। घायलों को संजीवनी एक्सप्रेस के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मैनपुर लाया गया जहां से गंभीर रूप से घायलों को जिला अस्पताल रेफर किए जाने की जानकारी मिली है।

मैनपुर-देवभोग मुख्य नेशनल हाइवे मार्ग की हालत बेहद खराब होती जा रही है जिसके चलते यहां दुर्घटनाएं बढ़ गई है। क्षेत्र की जनता लंबे समय से इस सड़क की चौड़ीकरण की मांग करते आ रही है लेकिन क्षेत्रवासियों की गंभीर समस्याओं के तरफ शासन प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है। गरियाबंद जिला से लेकर देवभोग तक लगभग 120 किलोमीटर की दूरी है। इस दूरी के अंतराल में कई प्राण घातक गड्ढे और खाई हैं। मुख्यालय मैनपुर से महज 15 किमी दूर इसी मुख्य नेशनल हाईवे पर धवलपुर के आगे सड़क के बीचों बीच दर्जनो गड्ढे लगातार दुर्घटनाओं को आमंत्रित कर रहे हैं। जिसकी मरम्मत करना विभाग के जिम्मेदारों ने मुनासिब नहीं समझा जिसके चलते कई दोपहिया व चार पहिया वाहन अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं और कई लोगों को अपनी जान तक गंवानी पड़ चुकी है।