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Amazon: Amazon warehouse को बवंडर ने बनाया कब्रगाह, चंद मिनटों में छह कर्मचारियों की हुई मौत.. जेफ बेजोस की कंपनी निशाने पर जाने क्या हैं पूरा मामला….!

जेफ बेजोस (Jeff Bezos) की कंपनी ऐमजॉन (Amazon) एक बार फिर आचोलकों के निशाने पर है। अमेरिका में आए एक बवंडर (tornado) में ऐमजॉन का एक वेयरहाउस तबाह हो गया और छह वर्कर्स की मौत हो गई।

दुनिया के दूसरे बड़े रईस जेफ बेजोस (Jeff Bezos) की कंपनी ऐमजॉन (Amazon) एक बार फिर आचोलकों के निशाने पर है। अमेरिका में आए एक बवंडर (tornado) में ऐमजॉन का एक वेयरहाउस तबाह हो गया। इसमें छह वर्कर्स की मौत हो गई। इससे कंपनी की हेल्थ और सेफ्टी पॉलिसीज पर सवाल उठ रहे हैं। मारे गए वर्कर्स के परिजनों का कहना है कि कंपनी को स्टाफ की सुरक्षा से ज्यादा अपने मुनाफे की चिंता है।

बीबीसी के मुताबिक हादसे में मारे गए एक वर्कर की बहन ने सोशल मीडिया पर कमेंट किया कि अगर कंपनी ने अपने मुनाफे से ज्यादा वर्कर्स की सुरक्षा को तरजीह दी होती तो यह हादसा कभी नहीं होता। उन्होंने कहा कि वर्कर्स की समय रहते शेल्टर की सुविधा नहीं दी गई। हालांकि कंपनी का कहना है कि उसकी टीम ने बवंडर से निपटने के लिए तेजी से काम किया था।

फुटबॉल मैदान के बराबर वेयरहाउस

ऐमजॉन का यह वेयरहाउस इलिनॉय प्रांत में था और शुक्रवार को आए बवंडर में इसकी छत तबाह हो गई। बवंडर 150 मील प्रति घंटे की रफ्तार से ऐमजॉन के वेयरहाउस से टकराया था। इससे फुटबॉल के मैदान के आकार के बराबर इस वेयरहाउस की छत ढह गई। इसके साथ ही 11 इंच मोटी कंक्रीट की दीवारें भरभराकर कर्मचारियों पर गिर गई।

कंपनी की प्रवक्ता केली नैनटेल ने एक बयान में कहा कि कंपनी इस हादसे में जानमाल के नुकसान से दुखी है। कंपनी पर सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या उनसे कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त उपाय किए थे या नहीं। मारे गए कर्मचारियों के परिजनों का आरोप है कि कंपनी ने शेल्टर की व्यवस्था नहीं की थी।

मामले की जांच

Retail, Wholesale and Department Store Union के प्रेजिडेंट Stuart Appelbaum अमेरिका के विभिन्ने हिस्सों में काम कर रहे ऐमजॉन के कर्मचारियों की यूनियन बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बवंडर की चेतावनी के बावजूद कंपनी ने कर्मचारियों को काम पर लगाए रखा। यह माफी लायक नहीं है। अमेरिका के लेबर विभाग ने सोमवार को कहा कि US Occupational Safety and Health Administration ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।

Rutgers University’s School of Management and Labour Relations में एसोसिएट प्रोफेसर रेबेका गिवन (Rebecca Givan) ने कहा कि कानून के मुताबिक कार्यस्थल पर सेफ्टी के लिए कंपनियों को सुरक्षा उपाय करने की जरूरत है लेकिन इसके लिए जुर्माने की व्यवस्था कमजोर है। उन्होंने कहा कि कंपनियों को कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए। अगर कस्टमर्स को सामान की डिलिवरी में थोड़ी देर हो जाए तो कंपनियों को इस बारे में ग्राहकों को बताना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐमजॉन अधिकांश कर्मचारियों को अपने पेरोल पर नहीं रखती है। वह सबकॉन्ट्रक्टर्स का इस्तेमाल करती है।

बेजोस पर निशाना

कंपनी के फाउंडर और दुनिया के दूसरे सबसे बड़े रईस जेफ बेजोस (Jeff Bezos) भी इस मामले में आलोचकों के निशाने पर हैं। उन्होंने हादसे पर दुख जताने के बजाय ब्लू ऑरिजिन (Blue Origin) रॉकेट से लौटे यात्रियों की तस्वीरें पोस्ट की। बाद में उन्होंने इलिनॉय के हादसे के बारे में ट्वीट किया और घटना पर दुख जताया। कंपनी ने साथ ही Edwardsville Community Foundation को 10 लाख डॉलर डोनेट करने की भी घोषणा की।

ऐमजॉन की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। हाल में इटली की एंटीट्रस्ट अथॉरिटी ने कंपनी पर 1.28 अरब डॉलर (1.13 अरब यूरो) का जुर्माना लगाया था। अमेरिका में भी कंपनी पर ग्राहकों को गुमराह करने के आरोप लगे हैं। भारत में भी कंपनी पर कई तरह के आरोप लगे हैं। हाल में आरोप लगाया गया था कि कंपनी के ई-कॉमर्स पोर्टल के जरिए 1 करोड़ रुपये से अधिक का गांजा बेचा गया। इससे ऐवज में कंपनी को 66 प्रतिशत कमीशन मिला था। मध्य प्रदेश पुलिस ने यह खुलासा किया था।

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