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BIG Breaking: सावधान!!छत्तीसगढ़ में ओमिक्रोन पीड़ितों की संख्या में हुई वृद्धि… आज 4 नए मामले आए प्रकाश में… 2 मरीज़ों की नहीं मिल रही कोई ट्रैवेल हिस्ट्री… स्वास्थ्य अमले में मचा हड़कंप.. पढ़े पूरी खबर!!

Cg news/रायपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार कोरोना का प्रकोप बढ़ते जा रहे हैं। दिन-प्रतिदिन बड़ी मात्रा में मरीज पॉजिटिव मिल रहे हैं।वहीं रिकवरी रेट कम देखने को मिल रही है।बीती रात प्रदेश में चार व्यक्तियों की मौत की सूचना थी। वहीं इसी बीच सभी को चौका देने वाली खबर निकल कर सामने आई है। जिसके बाद रायपुर में चार और लोगों की जीनेम सिक्वेंसिंग रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। यानी कि छत्तीसगढ़ में अब पांच ओमीक्रोन से संक्रमित मरीज को हो चलें।

वही बीती रात पॉजिटिव मरीजों की बात करें तो आज 4120 पॉजिटिव मरीज पाए गए हैं। 358 मरीजों को उपचार के उपरांत डिस्चार्ज कर दिया गया है। बीते सोमवार को रायपुर से 3 और बिलासपुर से एक व्यक्ति की मृत्यु दर्ज की गई है। वही पूरे प्रदेश में एक्टिव केस अब बढ़कर 19222 हो चले हैं।

मिली जानकारी के अनुसार रायपुर के चार लोगों में ओमिक्रॉन की पुष्टि हुई है। उनमें से दो तो यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE) से लौटे थे। लेकिन शेष दो को यह बीमारी इसी प्रदेश में लग गई।

हमने जिन लोगों के सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग की जांच के लिए ओडिशा के भुवनेश्वर भेजे थे, उनमें चार की रिपोर्ट आई है। उनमें ओमिक्रॉन वैरिएंट का संक्रमण पाया गया है। सभी रायपुर के हैं। इनमें से दो की ट्रेवल हिस्ट्री है। वे लोग UAE-दुबई से वापस लौटे थे। यहां जांच हुई तो वे पॉजिटिव पाए गए। उसके बाद उनके नमूनों को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजा गया था।दूसरे दो लोगों की कोई ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है। वे लोग यहीं ओमिक्रॉन संक्रमण की चपेट में आ गए हैं। इसका मतलब है कि ओमिक्रॉन का संक्रमण सोसाइटी में फैल चुका है।

एपिडेमिक कंट्रोल विभाग,डायरेक्टर डॉ. सुभाष मिश्रा

Raipur अप्डेट्स:

एक्टिव केस के मामले में प्रदेश में प्रथम जिले के रूप में रायपुर अभी भी शीर्ष में बना हुआ है। सोमवार को रायपुर में 1185 मरीज पॉजिटिव पाए गए हैं। वहीं एक्टिव केस का आंकड़ा 5904 के समीप पहुंच चुका है। बीती रात जिले में तीन मृत्यु दर्ज की गई थी।

ऐसी होती है जीनेम सिक्वेंसिंग की रेंडम जांच:

स्वास्थ्य विभाग, विदेश से लौटकर पॉजिटिव पाए गए लोगों और किसी क्लस्टर में पॉजिटिव पाए गए सभी लोगों से लिए नमूनों को ओमिक्रॉन अथवा किसी दूसरे वैरिएंट की पहचान के लिए भुवनेश्वर लैब भेजता है। हर जिले से कोरोना पॉजिटिव पाए गए कुल लोगों में से 5% के नमूने भी जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भुवनेश्वर भेजे जाते हैं। ऐसा रेंडम जांच के लिए किया जाता है ताकि कुछ नमूनों की जांच से वायरस में बदलाव की पहचान की जा सके।

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