Chhatisgarh

छत्तीसगढ़/ भुस्थापितो का पॉवरप्लांट आंदोलन बना जंग की जगह… दिखा भारी आक्रोश,दर्जनों ग्रामीण हुए घायल… स्कूल बस और जीप हुई आग के हवाले… 20 से 25 पुलिसकर्मियों को भी दौड़ा-दौड़ा कर पीटा… क्या थी वजह!!

जांजगीर-चांपा।जिले के अटल बिहारी ताप विद्युत गृह मड़वा तेंदूभांठा के भूविस्थापित संविदा कर्मियों ने प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। हमले में कई पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं। वहीं पुलिस और प्रशासन की गाडियो में भी तोड़-फोड़ की गई है। प्रदर्शनकारियों ने एक स्कूल बस में भी आग लगा दी है। मौके पर भारी आक्रोश का माहौल था। पुलिसकर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों को मौके से भागना पड़ गया था। हमला और तोड़फोड़ करने वालों में महिलाएं भी शामिल थीं।

मिली जानकारी के मुताबिक पिछले 06 दिसंबर से अटल बिहारी ताप विद्युत गृह मड़वा तेंदूभांठा के संविदा कर्मी नियमितिकरण सहित 5 सूत्रीय मांगों को लेकर चरण बद्ध आंदोलन कर रहे थे। मगर उनकी मांगों को अनसुना किया जाता रहा है। इधर 01 जनवरी संविदा कर्मी और क्षेत्र के भूविस्थातिप परिवार की महिलाएं प्लांट का गेट बंद कर मुख्य द्वार के सामने ही प्रदर्शन कर रहे थे। आंदोलन का बीते रविवार 28 वां दिन था।

सुबह से ही समझौता वार्ता को लेकर गहमा गहमी का माहौल प्लांट के बाहर और अंदर बना हुआ था। रविवार को जिले के कलेक्टर, एसपी प्लांट अधिकारियों के अलावा प्रशासन के तमाम लोग अंदर मौजूद थे। मगर बात नही बनी। जिसके बाद शाम 05 बजे विडियो कांफ्रसिंग की बात तय हुई। जिसमें रायपुर स्तर के अधिकारी शामिल होते और हल निकाला जाता बैठक अंदर जारी थी। मगर इसी बीच बाहर विवाद बढ़ गया।

पुलिस ने सख्ती दिखाई तो भारी तादात में मौजूद भूविस्थापित और महिलाएं उन पर टुट पड़े। क्योंकि प्रदर्शनकारी आज सुबह से ही डंडो से लैस थे। इस लिए महौल बिगड़ने में वक्त नही लगा और भीड़ पुलिसकर्मियों पर भारी पड़ गई। कई पुलिसकर्मियों को घेर कर पीटा गया। महिला पुलिसकर्मियो को भी नही छोड़ा गया। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आसू गैस के गोले भी छोड़े हैं।

अटल बिहारी पावर प्लांट के भू-विस्थापित संघ द्वारा भूविस्थिापत संविदा बिजली कर्मचारियों को नियमित करने, कोरोना ग्रसित होने के कारण कार्य में अनुपस्थित रहने के दौरान उनका वेतन कटौती की राशि का पूरा भुगतान करने और 5 लाख रुपए अनुदान देने, कार्य के दौरान मृत संविदा कर्मचारी के घर से एक व्यक्ति को नौकरी देने और उसके परिजन को 15 लाख रुपए सहायता राशि सहायता राशि देने सहित अन्य मांगों को लेकर 6 दिसंबर से धरना प्रदर्शन किया जा रहा था।

गौरतलब है कि तेंदूभाठा मड़वा पावर प्लांट जिसे अटल बिहारी ताप विद्युत गृह के नाम से जाना जाता है। यहां पर क्षेत्र के 16 गांव के लगभग साढ़े 400 किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई है। इन्हीं भू विस्थापितों ने सपने नियमितीकरण के लिए आंदोलन का रुख अख्तियार किया था। क्योंकि इन भुविस्थापितों को सीधे प्लांट में नौकरी ना देकर अलग-अलग जिलों में संविदा लाइन परिचारकों के पद पर नियुक्त किया गया है।

इससे पहले इन आंदोलनकांरियों के द्वारार प्लांट घेराव, कलेक्ट्रेट घेराव का प्रयास, रेल रोकन का प्रयास किया जा चुका है। जिसके तारत्म्य में इन आंदोलनकारियों का प्रदर्शन अटलबिहारी ताप विद्युत गृह के मुख्य गेंट पर जारी था। जिसमें बड़ी तादात में महिला भी शामिल थी। इस मामले में अब तक प्रबंधन के द्वारा किसी भी तरह का पुख्ता आश्वासन नही दिया गया। जबकि चर्चा कई दौर की हो चुकी है।

Sponsored by

Related Articles

Back to top button
Enable News Updates    OK No thanks