Chhatisgarh

छत्तीसगढ़: सुपेबेड़ा में नहीं थम रहा मौत का सिलसिला ! अब तक 78 लोग गंवा चुके हैं अपनी जान.!

CG News. गरियाबंद जिले में एक गांव ऐसा भी है जहां लोग नर्क की जिंदगी जी रहे हैं। गांव में अब तक 78 लोगों की मौत किडनी की बीमारी के वजह से हो चुकी है। शासन प्रशासन और सरकार गांव की स्थिति को बदलने का बस दावा करते हैं लेकिन गांव की स्थिति जस की तस बनी हुई है।

मिली जानकारी अनुसार पूरा मामला गरियाबंद जिले के सुपेबेड़ा गांव की है जहां प्रदूषित पानी पीने से पूरे गांव वालों को किडनी की समस्या होती है। गांव की स्थिति को बदलने के लिए 12 करोड़ का स्कीम चलाया गया था लेकिन वह भी फेल हो गया।

गांव में राज्यपाल अनुसुईया उइके, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल औऱ स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव भी आ चुके हैं। लेकिन गांव के समस्या कब तक समाधान नहीं किया जा सका। और गांव के लोग लगातार मौत के मुंह में समा रहे हैं।

गांव में प्रदूषित जल के वजह से 6 साल पहले यह बीमारी शुरू हुई थी। कल बीती रात हुई पुरेन्द्र आडिल नामक ग्रामीण की मौत भी किडनी के समस्या के कारण हुई। अब तक कुल 78 लोगों की मौत इस बीमारी के वजह से हो चुकी है।

गांव में वाटर रिमूवल प्लांट भी लगाया गया था। लेकिन देखभाल के अभाव में वह भी धूल खा रहे हैं। जिसके वजह सेआज भी लोग हैंडपंप या फिर झिरिया का दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। कांगेस सरकार में आते ही 2018 में तेल नदी से पानी देने 12 करोड की वाटर स्कीम का ऐलान किया गया था। स्कीम से सुपेबड़ा के अलावा आसपास के अन्य 9 गांव को भी साफ पानी मिलता। लेकिन अब तक काम केवल फाइलों में है। टेंडर की प्रकिया अब तक पूरी नहीं हुई है।

ग्रामीण अब नेताओं के झूठे वादों से परेशान हो चुके हैं। तमाम बड़े नेताओं ने वादे किए लेकिन गांव की स्थिति अभी तक नहीं बदल सकी है। फिलहाल ग्रामीण इसी को अपनी किस्मत मान लिए हैं। और बदहाल स्थिति में जीने में मजबूर हैं।

Back to top button