रायगढ़

रायगढ़: जिले के 22 पंचायत शत-प्रतिशत कुपोषण मुक्त, निगम क्षेत्र के 48 वार्डो में कुपोषण दर 10 प्रतिशत से नीचे.! भीम सिंह ने ली महिला बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक..!!

Raigarh. कलेक्टर भीम सिंह ने सृजन सभाकक्ष में महिला बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक ली। कलेक्टर सिंह ने कहा कि जिले में कुपोषण मुक्त की दिशा में लगातार कार्य किया गया है। जिसमें लेन्ध्रा, सिसरिंगा, कापू आदि सेक्टरों में कुपोषण मुक्त की दिशा में बेहतर परिणाम देखने को मिले है। इसी तरह अन्य सेक्टरों में भी कार्ययोजना तैयार कर कार्य किया जाए।

इसके लिए जो बच्चे कुपोषित है, उनके घर-घर जाए उनके पालकों से मिलकर उनकी काउंसिलिंग करें एवं बच्चों के उचित खानपान के लिए निर्देशित करें। ताकि बच्चों के सेहत में तेजी से ग्रोथ हो सके। इस दौरान कलेक्टर ने सेक्टरवार जिले को कुपोषण मुक्त बनाने की दिशा में किए जा रहे कार्यो समीक्षा की। कलेक्टर ने कहा कि जिले के 22 पंचायत शत-प्रतिशत कुपोषण मुक्त हो चुके। इसी प्रकार अन्य पंचायतों को कुपोषणमुक्त करने की दिशा में सभी विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी प्रयास करें।

जिससे जिले को शत-प्रतिशत कुपोषण से मुक्त किया जा सके। विभागीय समीक्षा में कलेक्टर सिंह ने सेक्टरवार कुपोषण दर की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि लेन्ध्रा द्वारा कुपोषण दर में कमी लाने के लिए बेहतर कार्य किया गया है। इसी तरह सिसरिंगा, कापू जैसे सेक्टर में अच्छा कार्य किया जा रहा है। जिस पर कलेक्टर सिंह ने कुपोषण दर में किए गए कार्य पर सेक्टर के सुपरवाईजर से उनके कार्यशैली के बारे में पूछा तो उन्होंने अपना अनुभव साझा किया। इसी तरह उन्होंने कहा कि जिन सेक्टरों में कुपोषण दर कम है।

अगले छ माह में 3 प्रतिशत कुपोषण कम करने के लक्ष्य पर कार्य किया जाए। जहां पर कुपोषण दर अधिक है वहां के सुपरवाईजरों को बेहतर कार्य करने के लिए निर्देशित किया। ताकि उन सेक्टरों में भी कुपोषण दर में कमी लाया जा सके।
कलेक्टर सिंह ने सेक्टरवार मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत कुपोषित बच्चों एवं शिशुवती, एनीमिक किशोरी एवं महिलाओं की जानकारी ली। जिस पर विभागीय अधिकारी ने बताया कि नियमित गरम भोजन एवं रेडी टू ईट से प्रदाय किया जा रहा है।

इस दौरान उन्होंने एनआरसी की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी एनआरसी में उपलब्ध सीटों में बच्चों की उपस्थिति होनी चाहिए, अन्यथा सुपरवाइजर पर कार्यवाही की जाएगी। इसके अलावा बच्चों की ग्रोथ चार्ट बनाया जाए। जिससे बच्चों के ग्रोथ की मॉनिटरिंग संभव हो पाए। साथ ही बच्चों के अभिभावकों को बच्चे के नियमित ग्रोथ की जानकारी दी जाए ताकि बच्चों के उचित देखभाल के लिए उनको प्रोत्साहित किया जा सके। उन्होंने विटामिन, प्रोटीन की उपलब्धता एवं प्रदाय की जानकारी ली।

विभागीय अधिकारियों द्वारा बताया गया कि विटामिन एवं प्रोटीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है एवं नियमित प्रदाय की जा रही है। कलेक्टर सिह ने पूरक पोषक आहार के रख रखाव, रेडी टू ईट, सुपोषण अभियान का लाभ, रजिस्टर, साफ सफाई जैसे कार्यो के निरीक्षण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर सिंह ने कहा कि गर्भवती माताओं की हिमोग्लोबिन की जांच की जाए एवं जिसका हिमोग्लोबिन 9 ग्राम से कम हो उनका विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है।

उनकी सेहत के देखभाल, पूरक एवं पौष्टिक आहार के लिए के लिए डीएमएफ  के माध्यम से राशि उपलब्ध कराया जाएगा। जिससे नवजात शिशुओं को कुपोषित होने से बचाया जा सके। इस दौरान सीएमएचओ डॉ.एस.एन.केशरी, महिला बाल विकास अधिकारी टी.के.जाटवर, समस्त सीडीपीओ, सेक्टर सुपरवाईजर, कार्यकर्ता सहित विभाग के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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