रायगढ़

Raigarh News: कृषि विभाग की लापरवाही का दंश झेलते किसान… इसी बीच मुख्यमंत्री का प्रस्तावित कार्यक्रम…. पढ़िए खबर!!

Raigarh News: कृषि विभाग की लापरवाही का दंश झेलने के लिए जिले के पुसौर ब्लॉक के किसान मजबूर है। सरकार ने योजनाओं को तो लागू कर दिया। लेकिन हकीकत इसके उलट जान पड़ती है। गरीब किसानों को बीज के लिए तरसना पड़ रहा है।

दरअसल जिले के पुसौर ब्लाक में इन दिनों मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का भेंट मुलाकात कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। लेकिन पुसौर कृषि विभाग की लापरवाही के कारण बहुत से किसान दलहन तिलहन बीज और खाद के लिए भटक रहे है।

तत्कालीन कलेक्टर का स्पष्ट आदेश था कि सभी सहकारी समितियों में दलहन -तिलहन ,धान बीज का वितरण परमिट में किया जाये एवं बीज का वितरण किसान को खाद लेने के समय किया जाये। जिससे किसान को भटकना ना पड़े। लेकिन पुसौर विकासखंड में अच्छी बारिश होने के बाद भी विभाग के लापरवाहीपूर्ण रवैय्ये के कारण किसानों को कई सहकारी समिति से परमिट में खाद बीज उपलब्ध नही है।

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पुसौर क्षेत्र के कुछ किसान से चर्चा करने पर पता चला कि पडीगाव ,छिछोर उमरिया ,नवापारा मांड ,तेलीपाली समिति में दलहन तिलहन का बीज जुलाई प्रथम सप्ताह तक भण्डारण ही नही हुआ हैं। जिससे किसानों को परमिट में बीज नही मिल पा रहा हैं। खरीफ फसल के लिए मूंगफली लगाना है। लेकिन ब्लॉक में मूंगफली का भंडारण ही नही हुआ है। समय पर बीज नही मिलने पर देशी बीज की बुवाई करूंगा।

खरीफ फसल के लिए मूंगफली लगाना है। लेकिन ब्लॉक में मूंगफली का भंडारण ही नही हुआ है। समय पर बीज नही मिलने पर देशी बीज की बुवाई करूंगा।

बसंत पंडा, स्थानीय किसान


वहीं सहकारी समितियों में DAP की मांग भी सुचारू रूप से नही चल पा रहा है जिससे किसानों में आक्रोश हैं।

यह योजना:

छत्तीसगढ़ शासन की फ्लैगशिप योजना है राजीव गांधी किसान न्याय योजना। जिसमें धान के बदले अन्य फसल लगाने पर किसान को 10000 ₹ प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि का प्रावधान है व अन्य फसल लगाने पर 9000 ₹ एकड़
दलहन तिलहन की बीज उपलब्धता पर विशेष जोर है। सभी सहकारी समितियों में भण्डारण और परमिट में किसानों को वितरित किया जाना अनिवार्य किया गया था।ताकि महंगे बीज खरीदने का भार खेती किसानी के शुरुआती समय मे कम किया जा सकें।

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