रायगढ़

Raigarh News: गॉवों की महिलाओं ने अपनाया एक उपाय… अब महीने के बनने लगे 12 हजार रुपये… पढ़िए खबर!!

Raigarh News:रायगढ़ न्यूज़।शासन के द्वारा धागाकरण प्रशिक्षण(threading training) के उपरांत 10 महिलाओं(womens) को ग्राम संबलपुरी हेतु 10 रीलिंग मशीन नि:शुल्क(free) प्रदाय किया गया था। रायगढ़ शहर( raigarh city) से 15 कि.मी दूर स्थित शहरी गोठान संबलपुरी में जनपद पंचायत रायगढ़ द्वारा शासकीय रेशम केन्द्र संबलपुरी द्वारा ग्राम संबलपुरी के बिहान समिति से चयनित स्वावलंबन समूह के 10 महिला हितग्राहियों को रेशम विभाग द्वारा अगस्त 2021 में धागाकरण का प्रशिक्षण विभाग के द्वारा दिया गया।

जिस उपाय को उपयोग करके महिला हितग्राहियों द्वारा घरेलू कार्य पश्चात टसर कोसाफल का धागाकरण में कर रही है। अब महीने के लगभग 12 हजार रुपए प्रतिमाह अर्जित कर रही है।

दरसअल शासन की योजनाओं से ग्रामीण अंचल में नित नए रोजगार के अवसर सृजित हो रहे है। इससे सभी वर्गो के साथ महिलाएं भी उद्यमिता की ओर बढ़ रही है। घरेलू और कृषि कार्य के पश्चात अतिरिक्त समय को ग्रामीण महिलाएं अब अतिरिक्त रोजगार के माध्यम से आय बढ़ाने में दे रही है।

इससे उनके साथ ही परिवार के जीवन स्तर में बदलाव देखने को मिल रहा है। रेशम विभाग के द्वारा धागाकरण प्रशिक्षण के पश्चात 10 महिलाओं को रीलिंग मशीन दी गई थी। जिससे महिलाओं ने अपने खाली समय का सदुपयोग करते हुए इस समय को धागाकरण के कार्य में लगा रही है। अतिरिक्त रोजगार से अब समूह की महिलाएं कोसा फल की धागा निकालकर स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ रही है।


शिवानी समूह द्वारा विगत 4 माह में 47 हजार 185 रूपए की 35 हजार 220 कोसाफल क्रय किया गया। जिससे 95 हजार 760 रूपए मूल्य की 22 किलो 800 कि .ग्रा. धागा उत्पादित किया गया। समूह द्वारा धागाकरण हेतु उपयोगिता कोसाफल विभाग द्वारा निर्धारित दर पर क्रय कर बुनियाद मशीन से धागाकरण कार्य कर 22.800 कि.ग्रा. रील्ड धागा का उत्पादन किया गया।

उत्पादित धागा का विक्रय स्थानीय बुनकरों को प्रति किलोग्राम 4200 की दर से किया गया। जिससे समूह को 48 हजार 575 रूपए की आय प्राप्त हुई। आज समूह की प्रतिमाह आय 12 हजार से अधिक है।


शिवानी समूह की अनिता गुप्ता कहती है विभाग की इस योजना से हम सभी को अतिरिक्त समय में स्थायी रोजगार का साधन मिल गया है। जिससे समूह की सभी महिलाएं आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो रही है। शासन की इस योजना से समूह की सभी महिलाएं खुश है और आगे भी धागाकरण के कार्य से जुड़े रहकर समूह के आय को इजाफा करना चाहती है। जिससे सभी को अधिक लाभ हो सके।

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