रायगढ़

बिना ब्याज के होम लोन लेना पड़ गया शिक्षक को भारी… फर्जी बॉण्ड दिखाकर 29 लाख की ठगी… उत्तरप्रदेश से आरोपियों को रायगढ़ पुलिस ने लिया गिरफ्त में… पढ़े पूरी खबर!!

रायगढ़: बिना ब्याज के लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले इंटर स्टेट दो ठगों को उत्तरप्रदेश के गाजियाबाद जिले से गिरफ्तार करने में रायगढ़ पुलिस को सफलता मिली है। इस सम्बंध में जानकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस करके एसपी अभिषेक मीणा ने दी है। फर्जी बांड दिखाकर किस्तों में 29 लाख रुपए की ठगी की गई है। आरोपी फर्जी सिम के सहारे पीड़ित को चंगुल में फंसाये हुए थे।

पूरा मामला:

मामला कुछ ऐसा है कि,गिरफ्तार हुआ मुख्य आरोपी अमितेश कीर्ति बी-टेक की पढाई किया हुआ है। जो शातिर तरीके से लेबर किस्म के लोगों के नाम से जारी सिम का उपयोग ठगी के लिये इस्तेमाल करता था । वर्ष 2019 से 2021 तक उसने धरमजयगढ़ के शिक्षक को लोन दिलाने के नाम पर 29 लाख रूपये ठग लिया था । ठगी के दौरान शिक्षक को आरोपी द्वारा उपलब्ध कराया गया। कुछ बांड पेपर सही थे। जिस कारण से पीड़ित को ठगी का आभास तक नहीं हुआ और वह आरोपी के बताये गये बैंक अकांउट में रूपये ट्रांसफर कर रहा था ।

लग्जरियस लाइफ जीने वाले आरोपी

पीड़ित शिक्षक जब पुलिस के संपर्क में आया। तब पुलिस से जाकर शिक्षक को पता चला कि किसी को इस तरह से लोन नहीं मिलता है।तभी जाकर शिक्षक को ठगी का अहसास हुआ।फिर पीड़ित शिक्षक ने थाना धरमजयगढ़ में 29 मार्च को धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई। दर्ज कराई गई रिपोर्ट में बताया कि, शिवपद मल्लिक पिता स्व. श्री तारापद मल्लिक निवासी धरमजयगढ़ शासकीय विद्यालय में व्याख्याता हूँ। अगस्त 2019 में घर बनाने के लिये मैंने होम लोन लिया था । उसी दौरान आदित्य बिरला कंपनी का शाक्षी शर्मा नाम का व्यक्ति फोन कर बताया कि हमारी कंपनी 0% ब्याज पर लोन देती है । उसके बाद आदित्य बिरला के मैनेजर राजीव अग्रवाल कॉल 8 लाख रूपये के लोन के लिए वन टाईम इन्श्योरेन्स 51 हज़ार रूपये का बांड बनवाया । उसके बाद लोन राशि 8 लाख से 20 लाख रूपये के लिए विभिन्न टेंडेंसी बताकर लगभग 7 लाख रूपये विभिन्न कंपनियों का जैसे भारतीय एक्शा , इंडिया फस्ट , एडल वाईस , फ्यूचर जर्नली , एवं रेलीगर का इन्श्योरेन्स दिलाये ।

मुख्य आरोपी

उसे बाद से कम्पनी के कई लोग जिसमें मैनेजर पंकज गर्ग, हेमंत शुक्ला, राजू अग्रवाल, सुरेन्द्र गोस्वामी व अन्य कई बार इन्श्योरेन्स कराये और टेंडेंसी क्लीयर के नाम पर रूपये ट्रांसफर करने के लिये बोले । उनके झांसे में आकर 27 अगस्त से दिनांक 31 अगस्त 2019 तक लगभग 29 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई है ।

आगे शिकायतकर्ता बताया कि यह राशि अपने एसबीआई बैंक खाता एवं एक्सिस बैंक के खाता से ऑनलाइन ट्रांसफर किया है । यह रूपये AXIS BANK से पर्सनल लोन एवं IIFL BANK से होम लोन लेकर तथा मित्रों से कर्जा लेकर भरा है । थाना धरमजयगढ़ में अज्ञात आरोपी के विरूद्ध धारा 420 IPC का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया ।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अभिषेक मीना द्वारा आईपीएस प्रभात कुमार को डायरी का अवलोकन कर आगे की कार्यवाही करने की जिम्मेदारी सौंपी गई ।डायरी अवलोकन उपरांत पाया गया कि ठगी के दौरान उपयोग किए गए कई सिम बंद हो चुके हैं। किंतु ठग द्वारा लगातार पीड़ित से संपर्क किया जा रहा है । जिसके बाद आरोपी की पतासाजी के लिए दिगर प्रांत उत्तर प्रदेश आईपीएस प्रभात कुमार के नेतृत्व में टीम रवाना किया गया।

ऐसे पहुँची रायगढ़ पुलिस आरोपी तक:

सार्विलेंस के आधार पर पुलिस टीम गाजियाबाद के राजीवनगर पहुंची । आरोपियों के द्वारा उपयोग में लाये गये कई सिम अलग-अलग प्रांतों के थे। किन्तु इसी दौरान शिक्षक को ठग द्वारा पुन: सम्पर्क किया गया। जिसका लोकेशन सिम धारक गाजियाबाद में होना एवं सिम धारक का आईडी गाजियाबाद का ही होना पाया गया। जिस पर पुलिस टीम फोकस की। सिम जारीकर्ता (रिटेलर) हेमंत नाम के व्यक्ति से पूछताछ किया गया। जो पुलिस का सहयोग कर बताया कि एक व्यक्ति उससे अभी तक आधा दर्जन से अधिक सिम अपने नाम से लिया है।वर्तमान में चलाये जा रहे सिम के बारे में जानकारी दिया ।

रिटेलर को संदिग्ध नम्बर की आईडी दिखाकर पहचान कराया गया। जिसने फोटो देखकर पुष्टि  करते हुये संदिग्ध को स्थानीय लेबर और शराब का आदी होना बताया । इस दरम्यान लगातार संदिग्ध नम्बर का लोकेशन लेकर तत्काल मौके पर रवाना हुये । लेबर चौक कई हमाली हल्ला कर रहे थे, उसमें से एक युवक पुलिस को देख कर भाग रहा था। जिसे पुलिस टीम ने हिरासत में लिया। जो पूछताछ में अपना नाम अजय बताया जबकि अन्य लोग उसे सचिन होना बताये । पुलिस को उसकी गतिविधियां सही नहीं लगी । उसे हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर उसने हमाली का काम करना और एक लाल रंग कार वाले युवक के लिए सिम उपलब्ध कराना बताया। जिसके एवज में इसे 300 से ₹400 मिलता था ।

सिम उपलब्ध करवाना वाला सहायक आरोपी

  पुलिस की टीम अब गुमनाम लाल रंग के स्वामी की पता तलाश के लिए लगातार दो दिनों तक गाजियाबाद के कई कॉलोनियों के बिल्डिंग पार्किंग चेक की अथक प्रयास के बाद एक स्विफ्ट लाल रंग की कार गुलमोहर गार्डन राजनगर में मिला। जिसके स्वामी के अपार्टमेंट में रायगढ़ पुलिस स्थानीय पुलिस के साथ दबिश दिया गया । संदिग्ध व्यक्ति अपार्टमेंट के बाहर अपने पालतू कुत्ते को छोड़ अंदर से कमरे का ताला बंद कर पुलिस को कोई सहयोग नहीं कर रहा था । काफी प्रयास के बाद पुलिस अंदर प्रवेश की जहां युवक अमितेश कीर्ति कमरे में अपने आप को बंद कर लिया था। अपने लैपटॉप पर कुछ कार्य कर रहा था। जिसका सचिन से पहचान कराया गया। जिसने अमितेश कीर्ति को ही सिम उपलब्ध कराना बताया । आरोपी अमितेश कीर्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर घटना का खुलासा हुआ ।

गिरफ्तार आरोपी-

(1) सचिन कुमार पिता सुभाष चंद्र वाल्मीकि उम्र 28 वर्ष निवासी चुना भट्टी के पास गली नंबर 1 भुपनेपुरी मोदीनगर गाजियाबाद (UP)

(2) अमितेश कीर्ति पिता अखिल कीर्ति उम्र 30 वर्ष निवासी टावर नंबर 13 मकान नं0 606 गुलमोहर गार्डन राजनगर एक्सटेंशन नंदग्राम गाजियाबाद (UP)

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