छत्तीसगढ़ / हाईकोर्ट पहुंचा चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज का मामला..! पोते ने दायर की याचिका..!

बिलासपुरः छत्तीसगढ़ में चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज (Chandulal Chandrakar Medical College) मामले में अब एक नया मोड़ आया है. पूर्व सांसद चंदूलाल चंद्राकर के पोते अमित चंद्राकर ने इस मामले को लेकर हाईकोर्ट (High Court) में याचिका में दायर की है. जिसमें उन्होंने कहा कि सरकार ने नियम विरुद्ध कॉलेज का अधिग्रहण किया है.

बता दें कि मान्यता रद्द होने के बाद से छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए विधानसभा के मानसून सत्र में भूपेश सरकार ने चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज के अधिग्रहण की घोषणा कर दी है. वही अब सरकार की इस घोषणा के बाद हाई कोर्ट में इस अधिग्रहण के खिलाफ चंदूलाल चंद्राकर के पोते अमित चंद्राकर ने याचिका पेश कर दी है.

उनका कहना है कि बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की वजह से कॉलेज घाटे में गया है!, लेकिन सरकार ने नियम विरुद्ध तरीके से कॉलेज का अधिग्रहण कर लिया.

करोड़ों का लोन लिया गया
अमित चंद्राकर ने अपनी याचिका में कहा कि दुर्ग में उनके दादा पूर्व सांसद चंदूलाल चंद्राकर के नाम से एक मेमोरियल हॉस्पिटल और मेडिकल कॉलेज है. याचिका में कहा है कि उनके दादा चंदूलाल चंद्राकर ने मेमोरियल हॉस्पिटल और मेडिकल कॉलेज के लिए दशकों पहले जमीन लीज पर ली थी. लेकिन बिना नगर निगम की अनुमति के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने हॉस्पिटल की जमीन को मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए गिरवी रख दिया और इंडियन बैंक से करोड़ों रुपए का लोन पास करा लिया.

इस वजह से घाटे में गया कॉलेज
याचिकाकर्ता ने बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स पर अवैध दस्तावेज प्रस्तुत कर लोन लेने का आरोप लगाया है. अपनी याचिका में अमित चंद्राकर ने कहा कि बाद में लोन के पैसों का बंदरबांट कर लिया गया. जिसकी वजह से कॉलेज घाटे में जाता रहा. जब बैंक को लोन वापस नहीं किया गया तो बैंक ने कॉलेज को नीलाम करने की घोषणा कर दी. जिसकी वजह से अब कॉलेज के बच्चों के भविष्य पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं.

वहीं अब सरकार चंदूलाल चंद्राकर के मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल दोनों के अधिग्रहण की बात कह रही हैं. ऐसे में अमित चंद्राकर ने सरकार द्वारा कॉलेज के अधिग्रहण और बैंक की ओर से नीलामी को चुनौती दी है. मामले में आने वाले दिनों में जल्द सुनवाई हो सकती है.

सरकार ने किया कॉलेज पर अधिग्रहण
दरअसल, चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज दुर्ग से पांच बार लोकसभा सांसद रहे चंदूलाल चंद्राकर के नाम पर है. 1995 में उनकी मृत्यु हुई थी. जिसके दो साल बाद इस कॉलेज की स्थापना हुई थी. साल 2017 में प्रवेश के बाद 2018 में मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने कॉलेज की मान्यता रद्द कर दी थी. जानकारी के मुताबिक कॉलेज पर करोड़ों की देनदारियां भी हैं. ये देनदारियां 140 करोड़ से ज्यादा की बताई जा रही हैं. अब भूपेश बघेल सरकार एक कानून के जरिए इस मेडिकल कॉलेज का अधिग्रहण करने जा रही है. विधानसभा में इसे लेकर विधेयक आज पेश किया गया है. जिसका प्रस्ताव कैबिनेट में पहले ही पास किया जा चुका था. इस अधिग्रहण से पहले एडमिशन लिए करीब 150 छात्रों का भविष्य भी सुरक्षित होगा.

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कॉलेज का अधिग्रहण का मसौदा पेश करने के बाद कॉलेज में पढ़ने वाले छात्रों और उनके अभिभावकों से मुलाकात की. उन्होंने कहा कि अभिभावक चिंतित थे कि सरकार कॉलेज के अधिग्रहण का इरादा न छोड़ दे. मैंने उन्हें आश्वस्त किया है कि सरकार बच्चों के भविष्य के लिए उठाया गया कदम कतई पीछे नहीं खींचेगी. फिलहाल अब यह मामला कोर्ट में पहुंच गया है.

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