Corona

Corona : 35 रुपये का कैप्सूल, 5 दिन का डोज, कोरोना होगा छूमंतर ! जाने कैसा करता है असर…

नई दिल्ली: कोरोना के खिलाफ वैक्शीन को सबसे बढ़ा हथियार माना जाता है। देश में तेजी से वैक्शीनेशन डाइव को चलाया जा रहा है। अब कोरोना के खिलाफ लड़ने के लिए कई दवाइयां भी बनाई जा रही हैं।

ऐसी ही एक दवाई है Molnupiravir जिसे आपातकालीन मंजूरी मिल गई है। इस दवा को 13 भारतीय कंपनियों ने मिलकर बनाया है। मोलनुपिरावीर के अलावा कोवोवैक्स और कॉर्बेवैक्स को भी केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने मंजूदी दी है।

मोलनुपिरावीर कोरोना के उपर कारगर दवा बताई जा रही है। इस दवा के लेने से मरीज में कोरोना का संक्रमण कमता है, साथ ही कोरोना हो चुके मरीजों को तेजी से रिकवर करता है। इस दवा को कोरोना संक्रमिक मरीज को 12 घंटे में 4 बार दिया जाता है।

सोमवार को पूरे 5 दिन के कोर्स के साथ मोलनुपिरावीर को 1399 रु. में लॉन्च किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, मैनकाइंड फार्मा के चेयरमैन आरसी जूनेजा ने बताया कि, ये दवा अब तक की सबसे सस्ती एंटीवायरल दवा है, जिसकी एक गोली 35 रुपए की मिलेगी और 5 दिन का कोर्स 1399 रुपए में मिलेगा। ये दवा आसानी से मेडीकल दुकानों पर मिल जाएंगी।

दवा अगले कुछ दिनों में देश के सारे राज्यों में मिलेगी। अभी इसकी सप्लाई सिर्फ उन राज्यों में हैं जहां कोरोन के केस ज्यादा हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया के मुताबिक भारत की लगभग 13 दवा निर्माता कंपनियां घरेलू स्तर पर मोलनुपिरावीर बनाएंगी। इन कंपनियों में डॉ रेड्डीज लैबोरेट्रीज, नैटको फार्मा, सिप्ला, स्ट्राइड्स, हेटेरो और ऑप्टिमस फार्मा प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।

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