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जशपुर : बच्चे का धर्मांतरण मामला : हिंदू पिता की मर्जी के खिलाफ मुस्लिम ससुराल पक्ष ने कराई 8 वर्षीय बच्चे की खतना (सुन्नत) ! छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता अधिनियम के तहत मामला दर्ज ! मां व नानी गिरफ्तार, मामी की तलाश जारी ! जाने क्या है पूरा मामला… पढ़ें पूरी खबर…

जशपुर Jashpur crime news. जशपुर जिले के सन्ना थाना क्षेत्र से पिता के मर्जी के खिलाफ जाकर ससुराल वालों के द्वारा उसके बच्चे का धर्मांतरण व खतना (पुरूषों का खतना उनके शिश्न की अग्र-त्वचा(खाल) को पूरी तरह या आंशिक रूप से हटा देने की प्रक्रिया है। “खतना (circumcision)” लैटिन भाषा का शब्द है circum (अर्थात “आस-पास”) और cædere (अर्थात “काटना”). … खतने का प्रचलन अधिकांशतः धार्मिक संबंध और कभी-कभी संस्कृति, के साथ बदलता है) (सुन्नत) करा दिए जाने का मामला सामने आया है। मामले की जानकारी जब पिता को हुई तो उसने इसकी शिकायत थाने में दर्ज कराई है। पुलिस ने धर्मांतरण कराए गए बच्चे की मां, नानी व उसके मामी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अभी जानकारी मिली है कि पुलिस ने आरोपित मा व बच्चे की नानी को गिरफ्तार कर लिया है, आरोपिया बच्चे की मामी की तलाश जारी है।

मिली जानकारी के अनुसार पीड़ित बच्चे के पिता चितरंजन सोनवानी ग्राम नगरटोली थाना सन्ना का करने वाला है। जिसकी शादी 10 वर्ष पूर्व मुस्लिम समाज की लड़की रेशमा पिता मेंहदी अंसारी से पूरे हिंदू रीति रिवाज के साथ हुई थी। दोनों के दांपत्य जीवन में अभी 8 वर्षीय लड़का सौरभ सोनवनव 6 वर्षीय बच्ची सानिया है। पूरा परिवार हिंदू रीति रिवाज के अनुसार ही जीवन यापन कर रहा था।

ससुराल वालों ने कराया बच्चे का धर्मांतरण और करा दी सन्नत

पीड़ित बच्चे के पिता के द्वारा थाने में दिए गए आवेदन से मिली जानकारी के अनुसार 19 नवंबर 2021 को रेशमा अपने बच्चा सौरभ को अपने नानी के गांव सरडीह थाना आस्ता लेकर गई। वहां जाने के बाद ससुराल वालों के साथ सौरभ को अंबिकापुर ले जाकर डॉक्टर के पास खतना (सुन्नत) करा कर मुस्लिम धर्म में धर्मांतरण करा दिए।

शादी के बाद इस्लाम धर्म अपनाने के लिए ससुराल पक्ष बनाते हैं दबाव देते है लालच-

आवेदन में बताया गया है कि शादी के बाद आवेदन करता पीड़ित बच्चे के पिता को उसके ससुराल वालों के द्वारा इस्लाम धर्म स्वीकार करने का दबाव बनाया जाता रहा है तथा इस्लाम धर्म अपनाने के लिए उसे कई तरह के प्रलोभन भी दे जाते रहे हैं। ससुराल पक्ष के द्वारा इस्लाम धर्म अपनाने के लिए उसे पिकअप गाड़ी देने की बात कहीं गई थी।

पीड़ित बच्चे के पिता का आरोप-

पीड़ित बच्चे के पिता ने आवेदन में बताया है कि उसे उसके मुस्लिम ससुराल वालों ने इस्लाम धर्म स्वीकार करने के लिए कई बार कहा परंतु वह न तो इस्लाम धर्म स्वीकार करने के पक्ष में तैयार हुआ और ना ही कभी तैयार होने की बात कही। जिस कारण से उसकी पत्नी रेशमा बेगम और उसके मायके पक्ष के भाई वगैरह मिलकर उसके नाबालिग पुत्र सौरभ सोनवानी इस्लाम धर्म में धर्मांतरण करा दिया।

रहवासी करने लगे विरोध

सोमवार की देर रात मामला उजागर होने के बाद रहवासी जिसमें महिला पुरुष शामिल थे वह सभी थाना के सामने पहुंचकर नारेबाजी कर विरोध जताने लगे। अगले दिन फिर बस स्टैंड के पास विरोध प्रदर्शन करते हुए रहवासी धरने पर बैठ गए थे। जिसके बाद पुलिस ने मामले की नजाकत को समझते हुए लोगों को आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की बात कहते हुए शांत कराया।

इनके खिलाफ दर्ज हुआ मामला

बच्चे की मां,नानी व मामी रेशमा सोनवानी, रशीदा खातून, हसीना खातून के खिलाफ IPC की धारा 295 (क) 323,34 एवं छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3,4 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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