ChhatisgarhNewsरायगढ़

रायगढ़: हिंडाल्को के ब्लाटिंग से कांप रहा कोड़केल, घरों में पड़ रही दरारें, ग्रामीणों ने कहा, करेंगे आंदोलन…!

रायगढ़: जिले में कोल ब्लॉक तमनार आए दिन चर्चे में रहता है कभी सड़क हादसे की खबर आती है, तो कभी ओवरलोड गाड़ियों की, कभी फ्लाई एस राख की, इस बार कोडकेल गांव के ग्रामीण हिंडालको माइन्स के ब्लास्टिंग से परेशान हैं।

मामला तमनार की कोड़केल गांव का है , गांव से लगे हिंडालको कि कोल माइंस है, कोयला निकालने के लिए ब्लास्टिंग की जा रही है, ग्रामीणों के बताए अनुसार ब्लास्टिंग की तीव्रता अधिक होती है जिसके कारण घरों में दरारें आने लगी है। मकान पक्के हो या कच्चे दोनों तरह के मकानों में दरार पड़ रही है । मिट्टी से बनें मकान के दीवारों में दरार होने लगी है, खप्पर और अल्बेस्टर सिट टूट रहे हैं, पक्के मकान के दीवार और छत पर दरार आ रही है। चंद दिन बरसात को बचे हैं यदि इसी तरह से दरारे आती रही तो कच्चे मकान में रहने वाले ग्रामीणों की समस्या बढ़ सकती है।

गांव के लगभग 80 घरों में दरार आ चुकी है लेकिन अभी तक ग्रामीणों के परेशानियों की सुध लेने ना तो कंपनी प्रबंधन के जिम्मेदार आ रहे हैं और ना ही शासन प्रशासन के लोग, कंपनी प्रबंधन और शासन प्रशासन की उदासीनता कहीं ग्रामीणों को गहरे संकट में ना डाल दे, यदि जिम्मेदार ग्रामीणों की समस्या का सुध लेने पहुंचे तो शायद ग्रामीणों की हुए नुकसान की भरपाई हो सकती है।

क्या अधिक तीव्रता से हो रही ब्लाटिंग..?

कोल माइंस के लिए सरकार द्वारा निर्धारित तीव्रता के साथ बास्टिंग करने की अनुमति दी जाती है, लेकिन कंपनी प्रबंधन द्वारा उसे दरकिनार किया जाता है। जानकार ग्रामीणों का कहना है कि हिंडालको माइन्स द्वारा निर्धारित तीव्रता से अधिक तीव्रता पर ब्लाटिंग की जा है। जिसके कारण घरो में दरार आ रही है, ग्रामीणों को समस्या से जूझना पड़ रही है ।

हिंडाल्को कोलमाईंस आने से बढ़ी समस्या

ग्रामीणों ने बताया की जब से हिन्डाल्को कम्पनी आई है, तब से अनेक प्रकार की समस्या हो रही है । अवैध रूप से किसानों के घरों को तोड दिया गया था । उनके दोषी अधिकारियों के ऊपर अभी तक न कोई कार्रवाई हुई है ना ही पीड़ित ग्रामीणों को मुआवजा मिला है। अभी ब्लास्टिग से गांव दहला रहा है । गाँव वालों का कोई सुध लेने वाला नहीं है, बढ़ती समस्या को देख ग्रामीण हिंडाल्को कंपनी के मुख्य द्वार पर आंदोलन करने की तैयारी में है साथ ही कोल परिवहन में लगे गाड़ियों को रोक कर चक्का जाम करने की तैयारी कर रहे है।

क्या कहते हैं ग्रामीण

हिंडालको कंपनी के ब्लास्टिंग से हमारे घरों के दीवालों में दरार आई है अल्वेस्टर सीट भी टूट रहे हैं कंपनी के अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई है लेकिन अभी तक कोई भी हमारे घर को देखने नहीं आए हैं। बरसात के दिन आने वाले हैं मिट्टी के घर में रहने वाले ग्रामीणों को और समस्या हो सकती है।रोहित सिदार सरपंच प्रतिनिधि कोडकेल

एक- एक रूपया इकट्ठा कर घर बनाए है, और अब ब्लास्टिंग से घर टूटने लगा है। कोई जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं।रोहित पटेल ग्रामीण

सरकार आदिवासियों के हित की बात करती है हम आदिवासियों की घर टूट रही है लेकिन अभी तक शासन प्रशासन और कंपनी प्रबंधन की कोई अधिकारी देखने तक नहीं आए हैं हिंडालको कंपनी की लापरवाही चरम सीमा पर हैदिलीप भगत ग्रामीण

क्या कहते है कंपनी प्रबंधन के जिम्मेदार

सरकार ने जो गाइडलाइंस जारी की है, उस मानक से कम तीव्रता पर ही हम ब्लास्टिंग करते हैं, फिलहाल मैं वहां नहीं हूं जाकर के देखता हूं कि दरारे हमारे कंपनी की ब्लास्टिंग के वजह से आई है या फिर किसी दूसरे के।राजीव किशोर,  हिंडाल्को

Back to top button