रायगढ़/ जिले के 20 हजार गरीब परिवार पक्के मकान का कर रहे इंतजार.. सरकार को नहीं है कोई सरोकार ! पीएम आवास योजना की स्थिति जिले में बद से बदतर.. पढ़िए पूरी खबर..!

रायगढ़, 24जून। गरीबों के पक्के मकान अब महज सपने बन चुके हैं। राज्य में सरकार बदलने के साथ ही महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना दिनोंदिन गर्त में समाती जा रही है। पिछले 2 वर्षों से आवास योजना के तहत कोई कार्य नहीं हो पा रहा। गरीबों को कच्चे मकान की जगह पक्के मकान बनाकर देने के लिए ग्रामीण क्षेत्र में करीब डेढ़ लाख रुपए और शहरी क्षेत्र में करीब ढाई लाख की सहायता राशि दी जाती है, जिसमें केंद्र और राज्य दोनों का शेयर होता है।

जिले में 19949 पीएम आवास अभी हैं अधूरे

वर्ष 16-17 से पीएम आवास योजना की शुरुआत हुई, प्रारंभ के 2 साल तो आवास निर्माण का कार्य तेजी से हुआ, 65098 आवास पूरे भी हुए। 18-19 तक तो टारगेट पूरा करने का प्रयास भी किया गया, उसके बाद यह योजना ठंडे बस्ते में चली गई। वहीं 19-20 और 20-21 में तो टारगेट भी कम रहा और पूरा भी नहीं हुआ। रायगढ़ जिले में 19949 पीएम आवास अभी अधूरे हैं या फिर शुरू ही नहीं हो पाए हैं। जबकि ग्रामीण अथवा गरीबों का जीवन स्तर उठाने के लिए पीएम आवास योजना बेहद महत्वपूर्ण है।

फंड की कमी के कारण योजना नहीं हो रहा पूर्ण

कहा जाता है कि फंड नहीं मिलने के कारण अब इस योजना के तहत आवास निर्माण नहीं किया जा रहा। केंद्र सरकार ने 2022 तक सभी गरीबों को पक्का मकान देने का लक्ष्य तय किया था, लेकिन अब यह पूरा नहीं हो सकेगा। अब तो इस योजना को लेकर समीक्षा भी नहीं की जा रही। दरअसल राज्यांश मिलने में देर अथवा ना मिलने के कारण पीएम आवास पूरे नहीं हो पा रहे।

आवासों को पूर्ण करने हेतु सरकार नहीं कर रही कोई प्रयास

प्रारंभिक 3 वर्षों में रायगढ़ जिले का प्रदर्शन बेहतर रहा। प्रदेश में टॉप फाइव में आने वाले इस जिले में 1 साल में 20 हजार से अधिक आवास पूरे होते थे। लेकिन अब जिन हितग्राहियों का नाम पात्रता सूची में है, उनको अपनी किस्तों का भी इंतजार है। प्रधानमंत्री आवास योजना की स्थिति जिले में इतनी बदतर हो चुकी है कि अधूरे आवासों को पूरा करने के लिए भी कोई प्रयत्न अथवा सहायता सरकार द्वारा नहीं दी रही। अब तो समीक्षा बैठक में भी पीएम आवास का विषय नहीं रखा जाता।

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