रायगढ़/ हादसों का इनविटेशन कार्ड है घरघोड़ा से धर्मजयगढ़ तक की सड़क.. खस्ताहाल सड़क और ऊपर से यमदूतो के रूप में दौड़ती कोयले से भरी हेवी लोड गाड़ियां.. जाने क्या है दुर्दशा की वजह..

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रायगढ़ 7 जून/ रायगढ़ जिले में सड़को की दयनीय स्थिति किसी से नहीं छिपी हैं। प्रशासन के निर्देश के बाद रायगढ़ से धर्मजयगढ़ तक की हाईवे सड़क को बनाने का बीड़ा उठाया गया था; मगर  इस क्षेत्र में कई किलोमीटर की सड़क ऐसी है जो आज भी बदहाली की मार झेल रही है। घरघोड़ा से धर्मजयगढ़ तक जाने वाली नेशनल हाईवे 43 दुर्दशा का दाम चल रही है। खस्ता हाल सड़कों के मुद्दो को क्षेत्रवासी उठाते रहते हैं लेकिन  यह कहना गलत नहीं होगा कि जिम्मेदारों को जिले के बदहाल सड़को से कोई फर्क नहीं पड़ता।

ताजा मामला रायगढ़ अंबिकापुर NH 43 से जुड़ा हुआ है। जहां घरघोड़ा से धर्मजयगढ़ तक पहुंचने का मार्ग बेहद खराब है व सड़क की स्थिति स्वतः हादसों को आमंत्रित करने लायक हैं। क्योंकि जगह – जगह सड़को में गड्ढे है।  गड्ढे में सड़क हैं य सड़क में गड्ढा जैसे कहावत को NH 43 पूर्ण रूप से चरितार्थ करता है। ज्ञात हो की सड़क का यह हाल SECL के भारी भरकम कोयला लोड वाहनों के  लगातार दौड़ने से हुआ हैं क्योंकि इस रोड में रोज कोयला लोड सैकड़ों वाहन दौड़ते है ।

जिला प्रशासन के अनुसार औद्योगिक क्षेत्र के सड़को की स्थिति सुधारने के लिए उस क्षेत्र के औद्योगिक व जो भी खदान संचालित हो रही हैं। उसके सहयोग से उस क्षेत्र के बदहाल सड़को की स्थिति को सुधारा जाएगा। ज्ञात हो की घरघोडा़ में एसईसीएल की कई खदाने संचालित हो रही हैं।

क्षेत्र के जामपाली निवासी उमेश साव नामक ग्रामीण युवक अनुसार SECL ने जिला प्रशासन को 43 करोड़ रूपए क्षेत्र के सड़क की स्थिति सुधारने के लिए दिया है लेकिन जिला प्रशासन SECL द्वारा मिले पैसों को क्षेत्र के सड़को में खर्च नहीं कर रहा है न ही क्षेत्र की सड़को की मरम्मत की जा रही हैं।

उमेश साव ने बताया कि क्षेत्रवासी कई दफा लिखित रूप से जिला प्रशासन के समक्ष आवेदन दे चुके हैं लेकिन उनकी कोई नहीं सुनता। ज्ञात हो कि घरघोड़ा से धर्मजयगढ़ जाने वाले सड़क में आए दिन हादसे होते रहते हैं जिससे कई परिवार उजड़ चुके हैं इसके अलावा भारी भरकम वाहनों के लगातार चलने से सड़को में धूल का गुबार उड़ना अब आम बात हो चुकी हैं।क्षेत्रवासियों के पास मूकदर्शक बनकर क्षेत्र के सड़को की स्थिति को एकटक निहारने के अलावा कोई दूसरा  विकल्प नहीं है ।

राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं होने के कारण सड़को का हाल बेहाल

घरघोडा़ में कई ऐसे जनप्रतिनिधि हैं। जो क्षेत्र के सड़को के लिए आवाज उठा सकते हैं लेकिन किसी को आज तक बड़े पैमाने पर आवाज उठाते नहीं देखा गया है। क्षेत्रीय विधायक को भी अभी तक उक्त मुद्दे को लेकर सार्थक प्रयास करते नहीं देखा गया है। जब क्षेत्रीय विधायक व जनप्रतिनिधि खामोश हैं। जिसके कारण जनता की मजबूरी बन गई है कि वो क्षेत्र के बदहाल सड़को की स्थिति को स्वीकार करें व परिस्थितियों में बदलाव की उम्मीद छोड़ ही दे।

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