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रायगढ़ (Raigarh news) : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ डॉक्टर की क्रूरता, निजी कर्मचारी को फोन कर बुलाया, शराब पिलाई, मारपीट कर बेहोशी की हालत में बाथरूम के अंदर कर दिया बन्द ! मामला दर्ज, अभी तक नहीं हुई गिरफ्तारी! ओबीसी महासभा ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, लगाए कई संगीन आरोप ! पढ़ें पूरी खबर…

रायगढ़ (Raigarh news). धरमजयगढ़ विकासखंड के चपले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ डॉक्टर ओ.पी सिदार के द्वारा 31 जनवरी की रात अपने निजी अस्पताल के कर्मचारी तरुण साहू को शराब पिलाकर उससे बेरहमी पूर्वक मारपीट कर बेहोशी की हालत में बाथरूम के अंदर बंद कर दिए जाने का मामला सामने आया था। जिसकी लिखित शिकायत तरुण साहू के पिता चतुर राम साहू के द्वारा हाल थाने में दर्ज कराई गई थी। शिकायत पर पुलिस ने डॉक्टर के विरुद्ध धारा 323,342,506 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया है।

आज ओबीसी महासभा के द्वारा रायगढ़ कलेक्टर को मुख्यमंत्री, गृह मंत्री व स्वास्थ्य मंत्री के नाम ज्ञापन सौप कर आरोपी डॉक्टर सिदार की गिरफ्तारी एवं पीड़ित तरुण साहू को न्याय दिलाने को लेकर ज्ञापन सौंपा गया है।

ज्ञापन की कॉपी में बताया गया है कि चपले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ डॉक्टर सिदार के द्वारा अपने निजी अस्पताल के कर्मचारी तरुण साहू को मोबाइल कॉलिंग से बुलाकर शराब पिलाकर बेरहमी से मारपीट कर बेहोशी हालत में बाथरूम में बंद कर दिया गया था। मारपीट के कारण तरुण साहू को गंभीर चोटे आई है।

नार्मल एमएलसी रिपोर्ट दिए जाने पर स्वास्थ्य विभाग व आरोपी डॉक्टर के द्वारा मिली भगत का आरोप

कलेक्टर को दिए गए ज्ञापन में ओबीसी महासभा के द्वारा यह भी आरोप लगाया गया है कि घटना के बाद पुलिस तरुण साहू का स्वास्थ्य परीक्षण कराने पर रिपोर्ट नॉर्मल दिया गया जिससे स्वास्थ्य विभाग के कार्य प्राणी पर बड़ा प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है। ज्ञापन में बताया गया है कि स्वास्थ्य विभाग के द्वारा नॉरमल रिपोर्ट दिए जाने पर मिलीभगत परिलक्षित होता है।

आरोपी डॉक्टर की गिरफ्तारी न होने पर पुलिस पर आरोप-

मामले की शिकायत हुए लगभग 2 हफ्ते हो गया है जिसके बाद भी आरोपी डॉक्टर की गिरफ्तारी छाल पुलिस द्वारा नहीं की गई है। जबकि रायगढ़ पुलिस अन्य मामलों में त्वरित कार्रवाई के लिए जानी जाती है।

5 लाख रु आर्थिक मुआवजे की मांग-

ओबीसी महासभा पूरे छत्तीसगढ़ में ज्ञापन के माध्यम से आरोपी की गिरफ्तारी चिकित्सा लाइसेंस रद्द करने,इसके निजी चिकित्सालय के वैधानिक जांच एवं पीड़ित पक्ष को इस दौरान हुई क्षति एवं घटना के कारण पीड़ित परिवार को संभावित आर्थिक संकट के लिए 5 लाख रु की मांग की है।

ज्ञापन की कापी

उक्त मामले में हमने पुलिस पक्ष का राय जानना चाहा। छाल के थाना प्रभारी के मोबाइल पर फोन पर संपर्क करने की कोशिश की। परंतु उनके द्वारा फोन रिसीव नही किया गया।

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