रायगढ़/ उद्यानिकी फसलों के लिये फसल बीमा 15 दिसम्बर तक..!

रायगढ़, 17 नवम्बर। जिले के उद्यानिकी फसल उत्पादन कर रहे ऐसे समस्त कृषक जो रबी फसल हेतु टमाटर, बैगन, फूलगोभी, पत्तागोभी, प्याज एवं आलू के लिये वर्ष 2020-21 अंतर्गत पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत ऋणी/अऋणी कृषक 15 दिसम्बर 2020 तक लोक सेवा केन्द्र, बैंक शाखा, सहकारी समिति या बीमा कंपनी बजाज एलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी के प्रतिनिधि से संपर्क कर अपने उद्यानिकी फसलों का बीमा करवा सकते है जिसके लिये बीमा कंपनी के राज्य स्तरीय प्रतिनिधि गोपाल राय मोबा.नं. 8059840961 एवं जिला स्तरीय प्रतिनिधि दुश्यंत यादव मोबा.नं. 9399863741 से संपर्क कर सकते हैं।

सहायक संचालक उद्यान ने जानकारी देते हुये बताया कि इस योजना में सभी अऋणी कृषक (भूधारक एवं बटाईदार)जो इस योजना में शामिल होने के इच्छुक है, ऐसे कृषकों को घोषणा पत्र के साथ फसल बुआई प्रमाण-पत्र अथवा प्रस्तावित फसल बोने के आशय का स्वघोषणा पत्र सहित संबंधित अन्य अनिवार्य दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा। चयनित उद्यानिकी फसलों का बीमा कराये जाने के लिये किसानों को उन फसलों के लिये निर्धारित ऋणमान का 5 प्रतिशत प्रीमियम राशि के रूप में देना होगा, शेष प्रीमियम की राशि 50-50 प्रतिशत राज्य सरकार एवं केन्द्र सरकार द्वारा दिया जायेगा।

ऋणी कृषक जो इस योजना में शामिल नहीं होना चाहते है, उन्हें भारत सरकार द्वारा जारी चयन प्रपत्रानुसार हस्ताक्षरित घोषणा पत्र बीमा आवेदन की अंतिम तिथि के 7 दिवस पूर्व तक संबंधित वित्तीय संस्थान में अनिवार्य रूप से जमा करना होगा। निर्धारित समय-सीमा में हस्ताक्षरित घोषणा पत्र जमा नहीं करने पर संबंधित बैंक द्वारा संबंधित मौसम (रबी) के लिये स्वीकृत/नवीनीकृत की गई अल्पकालीन कृषि ऋण को अनिवार्य रूप से बीमाकृत किया जायेगा। 

अधिसूचित फसलें बीमित राशि प्रति हेक्टेयर कृषक अंश राशि प्रति हेक्टेयर (राशि रूपये में) रबी मौसम-2020  

टमाटर -1,00,000 -5000  

बैगन- 70,000- 3500  

फूलगोभी -60,000- 3000  

पत्तागोभी -60,000 -3000  

प्याज -70,000 -3500  

आलू -1,00,000-5000

किसानों को विभिन्न मौसमी जोखिम जैसे-कम तापमान, अधिक तापमान, अधिक वर्षा, कम वर्षा, बेमौसम वर्षा, कीट एवं व्याधि प्रकोप के अनुकूल मौसम, वायु गति से फसलों को होने वाले क्षति से फसल बीमा का नियमानुसार लाभ प्राप्त होगा। रबी मौसम के टमाटर, बैगन, फूलगोभी, पत्तागोभी, प्याज एवं आलू फसल हेतु ओलावृष्टि हवायें की स्थिति में कृषक इसकी सूचना सीधे बीमा कंपनी के टोल फ्री नं. 1800-209-5959 पर या लिखित रूप में 72 घंटे के भीतर संबंधित बैंक, स्थानीय राजस्व, उद्यानिकी, कृषि अधिकारी अथवा जिला उद्यान अधिकारी को बीमित फसल के ब्यौरे, क्षति की मात्रा तथा क्षति का कारण सहित सूचित करेगा। संबंधित संस्था एवं विभाग 48 घंटा के भीतर कृषकों से प्राप्त जानकारी (बीमित फसल के ब्यौरे, क्षति की मात्रा तथा क्षति के कारण सहित) बीमा कंपनी को प्रदान करेंगे।

बीमा कंपनी द्वारा जिले में 42 स्थानों पर स्वचलित मौसम स्टेशन स्थापित किया गया है, जिससे प्राप्त मौसम संबंधी आंकड़ों के आधार पर ही बीमा दावा का भुगतान किया जाता है। कृषक द्वारा लगाये गये फसल का केवल एक बार ही बीमा आच्छादन का लाभ ले सकता है। एक रकबे को एक से अधिक बार बीमा होने की स्थिति में बीमा कंपनी द्वारा ऐसे सभी दावों को निरस्त कर दिया जावेगा।