कॉमर्शियल माइनिंग में शामिल फतेहपुर ईस्ट कोल ब्लॉक से प्रभावित ग्रामों को मिला सामुदायिक वन संसाधन का अधिकार..!!

RIG24:धरमजयगढ़। वननिवासी बंधुओं के लिए खुशखबरी है कि विलम्ब से ही सही देर आये दुरुस्त आये की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में वन अधिकार मान्यता कानून 2006 के तहत सामुदायिक वन संसाधनों को मान्यता देंने की प्रक्रिया शुरू तो हुई।

15 अगस्त को कई जिलों में ग्रामसभाओं को जिनके दावे पूर्व जमा थे या वर्तमान में करवाये गए हैं ,उनको मान्यता दी गई हैं। प्रदेश में लगभग 12 हजार से अधिक गांव की ग्रामसभाओं को उनके सामुदायिक वनसंसाधन के अधिकारों को मान्यता दी जानी हैं।
रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ में ग्राम नरकालो एवम नेवार को सामुदायिक वन संसाधन के अधिकार को मान्यता मिली है.इसमे से ग्राम नरकालो कामर्सियल माइनिंग की सूची में शामिल फतेहपुर ईस्ट कोल ब्लॉक का प्रभावित गांव हैं।

बताना लाज़मी है के यह अधिकार पत्रक धरमजयगढ़ में जनसंगठन के साथी डी. एस. माल्या जी के प्रयास से संभव हुआ है। साथ ही यहाँ के युवा एवं संवेदनशील एसडीएम नंदकुमार चौबे जी ने इस कार्य में सकारात्मक भूमिका निभाई है.उनके लगनशील पहल से इस प्रक्रिया को पूरा किया गया। हर स्तर पर उनके द्वारा प्रशासनिक सहयोग दिया गया और वर्तमान में छ.ग. मुख्यमंत्री जी की मंशा अनुरूप इसके प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सक्रीय रूप से जुटे हुए हैं।

ऐतिहासिक अन्याय को खत्म करने बनाये गए इस कानून के क्रियान्यवन के लिए राजनीतिक इच्छा शक्ति और अधिकारियों की संवेदनशीलता व समझ नितांत आवश्यक है । हालांकि अभी भी समग्रता के साथ और अधिक समन्वयन आवश्यक हैं। तभी इस कानून के सही पालन से उस ऐतिहासिक अन्याय को खत्म किया जा सकता है.जो आदिवासियों और अन्य परंपरागत वन निवासियों के साथ हुआ हैं।

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