ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा को मिली एक नई सौगात ! ओपी जिंदल स्कूल तराईमाल को मिली सीबीएससी बोर्ड की हायर सेकंडरी मान्यता !

रायगढ़। रायगढ़ घरघोड़ा मार्ग में स्थित ओपी जिंदल विद्यालय तराईमाल ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा को लेकर नित नए आयाम लगातार स्थापित करते जा रहा है। 2004 में शुरू हुए इस विद्यालय की सफर की शुरुआत प्रसिद्ध उद्योगपति एवं समाजसेवी श्री ओ पी जिंदल ( बाबूजी ) की ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा को लेकर उनकी अग्रणी सोच से शुरू हुई थी। इस सोच का आधार स्तंभ था ग्रामीण क्षेत्र शिक्षा की गुणवत्ता को एक विश्वस्तरीय आयाम तक पहुंचाना। 

नलवा स्टील एंड पावर लिमिटेड की स्थापना के बाद से ही आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में श्री ओ पी जिंदल जी ने देखा कि यहां आस-पास अंग्रेजी माध्यम के उच्च गुणवत्ता वाले स्कूलों का अभाव है। बच्चों को यहां से कई किलोमीटर का सफर तय कर शहर की ओर स्कूल जाना पड़ता था। इस कमी को देखते हुए उन्होंने नलवा स्टील एंड पावर लिमिटेड संयंत्र मे ओ पी जिंदल स्कूल की स्थापना की। तमनार और रायगढ़ के बीच लगभग 25 किलोमीटर के क्षेत्र में यह पहला सीबीएसई पैटर्न का अंग्रेजी माध्यम स्कूल था। उनकी सोच के अनुरूप ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोगों को इसका बड़ा फायदा मिला और आसपास के क्षेत्र के काफी बच्चे अब शहर की ओर जाने के बजाए अच्छी शिक्षा के लिए इस स्कूल में आने लगे। समय के साथ 3 साल पहले हाई स्कूल तक की को सीबीएसई बोर्ड से मान्यता मिली और साथ ही छात्रों की उत्कृष्ट परिणाम से विद्यालय और भी नए आयाम छूने लगा। 

इस क्षेत्र में गेरवानी तराईमाल, पूंजीपथरा, लाखा, बेलारी, सराईपाली, घरघोड़ा एवं ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को इसका फायदा मिला। उच्च शिक्षा और बेहतरीन परिणाम के साथ ही आसपास के ग्रामीण अंचलों में इसे हायर सेकेंडरी में तब्दील करने की मांग उठने लगी। उनके इस मांग को शाला प्रबंधन समिति के द्वारा गंभीरता से लिया गया और अपने सकारात्मक प्रयासों से सीबीएसई बोर्ड द्वारा हायर सेकेंडरी 11वीं एवं 12वीं के लिए भी मान्यता प्राप्त कर ली गयी। अपने क्षेत्र में हायर सेकेंडरी की उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा मिलने की खबर से क्षेत्र के पालकों और छात्रों मे हर्ष व्याप्त हुआ। इस अनोखे एवं अविस्मरणीय सफलता प्राप्त करने में शाला प्रबंधन समिति, अभिभावक गण विद्यालय की प्राचार्या और शिक्षकों का योगदान भी अविस्मरणीय है।


विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती अलका गोडबोले ने बताया कि हायर सेकेंडरी की शिक्षा की मांग बालकों द्वारा काफी दिनों से की जा रही थी जिसके लिए हम सभी मिलकर प्रयासरत थे। जिसके फलस्वरूप सीबीएसई बोर्ड द्वारा हमें हायर सेकेंडरी की शिक्षा के लिए मान्यता दे दी गई इसके साथ ही उन्होंने बताया कि कक्षा 11 के प्रवेश के लिए वाणिज्य विज्ञान एवं गणित विषय के लिए प्रवेश 30 सितंबर तक दिये जाएंगे।