प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के क्रियान्वयन में नहीं चलेगी लापरवाही – कलेक्टर भीम सिंह

रायगढ़, 17 नवम्बर। कलेक्टर भीम सिंह ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के जिला स्तरीय निगरानी समिति की बैठक ली। उन्होंने पिछले बैठक में कुछ किसानों के चालान की राशि गलत हेड में जाने के कारण राशि बीमा कंपनी को नहीं मिल पायी है अत: उसे सही हेड में ट्रंासफर करवाने के लिये लीड बैंक मैनेजर को निर्देशित किया था। उक्त कार्य पूर्ण नहीं होने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुये संबंधित बैंक अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही के लिये निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि यह किसानों के लिये अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है इसके क्रियान्यवन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी।

बैठक में सारंगढ़ क्षेत्र के कुछ पात्र किसानों के क्लेम सेटल नहीं हो पाने पर उन्होंने लीड बैंक मैनेजर को निर्देशित किया कि संबंधित बैंकों से समन्वय कर किसानों का दावा भुगतान करवाये। उन्होंने बैठक में दावा भुगतान के सत्यापन के भी निर्देश दिये। साथ ही किसानों से प्राप्त शिकायतों का समुचित निराकरण करने के लिये विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया उन्होंने कहा कि जवाफूल की खेती को बढ़ावा देने के लिये गठित 5 किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) को आर्थिक सहयोग के रूप में डीएमएफ मद से प्रति एफपीओ 15 लाख रुपये की राशि प्रदान की जायेगी। जिसका उपयोग जवाफूल की खेती के साथ ही उसकी मार्केटिंग में उपयोग की जायेगी। यह राशि बिना ब्याज के ऋण के रूप में एफपीओ को उपलब्ध करवायी जायेगी।

बैठक में उन्होंने गोधन न्याय योजना की भी समीक्षा की। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों से कहा कि गौठानों में खाद निर्माण करवाना कृषि विभाग का कार्य है अत: इसकी अच्छे से मॉनिटरिंग करें तथा गौठानों में वर्मी पिट तथा अन्य निर्माण कार्यों का फीडबैक भी दें। जहां वर्मी टांको तथा वर्मी बेड की आवश्यकता है उसकी जानकारी प्रदान करें। उन्होंने प्रत्येक गौठान से किस दिनांक तक का खरीदा गोबर वर्मी पिट में डाल दिया गया है इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश उप संचालक कृषि को दिये। इस दौरान उप संचालक कृषि श्री एल.एम.भगत सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।