रायगढ़ / कोरोना लक्षण दिखें तो जल्द कराएँ टेस्ट.. देर करने से मिल रहे दुखद परिणाम .. कोरोना सर्वे टीम को दें पूरी जानकारी कलेक्टर भीम सिंह..! कितना होना चाहिए ऑक्सीजन सैचुरेशन लेवल..? कोरोना से मौत के मुँह में जाने वाला बुजुर्ग का क्या था ऑक्सीजन लेवल..? पढ़े पूरी खबर…

रायगढ़। एक 56 वर्षीय पुरुष को 4.5 दिनों से सांस लेने में तकलीफ  के चलते रात में किरोड़ीमल अस्पताल रायगढ़ में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। जहाँ उनका कोरोना रैपिड एंटीजन टेस्ट किया गया और ऑक्सीजन सैचुरेशन लेवल की जांच करने पर यह 34 प्रतिशत पाया गया जबकि ऑक्सीजन सैचुरेशन लेवल 94 प्रतिशत से नीचे आने पर शरीर में ऑक्सीजन की कमी मानी जाती है

। उक्त व्यक्ति की कोरोना एंटीजन टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आई। मरीज की स्थिति को देखते हुए उन्हें तत्काल डेडिकेटेड कोविड अस्पताल में भर्ती कर वेंटीलेटर पर रखा गया। जहाँ अगली सुबह 12 घंटों के भीतर ही उस व्यक्ति की  मृत्यु हो गयी।

मरीज का इलाज करने वाले चिकित्सक के अनुसार मरीज ने इलाज के लिए आने में देर कर दिए शुरूआती लक्षणों को अपेक्षित गंभीरता से नहीं लिया गया और स्थिति बिगडऩे पर अस्पताल पहुंचे लेकिन तब तक फेफड़ों को काफी नुकसान हो चुका था जिससे मरीज का ऑक्सीजन सैचुरेशन लेवल गिरकर 34 प्रतिशत तक आ पहुंचा। उन्हें वेंटीलेटर में रखने के बाद भी बचाया नहीं जा सका। उन्होंने यह भी बताया कि मरीज को बीपी. शुगर जैसी समस्या नहीं थी और ना ही वे किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त थे। चिकित्सक के अनुसार अगर मरीज जल्दी आते तो उन्हें बचाया जा सकता था।


कलेक्टर श्री सिंह की अपील
कलेक्टर श्री भीम सिंह ने कोरोना सघन सामुदायिक अभियान में लोगों की सहभागिता की अपील की है। उन्होंने कहा कि लक्षणयुक्त और हाई रिस्क मरीजों की पहचान के लिए यह व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग,  आंगनबाड़ी कार्यकर्ता,  मितानिन, पंचायत विभाग और नगरीय निकाय के संयुक्त अमले की टीम द्वारा घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी ली जा रही है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि सर्वे टीम से कुछ भी न छिपाएं, सही जानकारी दें, जिससे कोरोना संक्रमितों की पहचान कर उनका समय पर इलाज किया जा सके।

कलेक्टर श्री सिंह ने हाल की कुछ घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि कई मरीजों लोगों द्वारा पहले कोरोना के लक्षणों को नजर अंदाज किया गया और बाद में वे अचानक गंभीर अवस्था में पहुँच गए जिनमे से कुछ को बचाया भी नहीं जा सका और उनकी मृत्यु हो गयी। इसलिए जरुरी है कि सभी लोग कोरोना लक्षणों के प्रति सचेत रहे हैं और सर्वे टीम को पूरा सहयोग दें। तभी यह अभियान सफल हो पायेगा और कोरोना की रोकथाम के हमारे प्रयासों को आशानुरूप परिणाम मिलेंगे।

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