रायगढ़ वासियों के लिए प्रेरणा बना एक शिक्षक.. कोरोना पॉजिटिव होते हुए भी कोविड हॉस्पिटल से बच्चों को दे रहा है ऑनलाइन शिक्षा, रिटायरमेंट के करीब इस उम्र में कोरोना से जंग लड़ते हुए शिक्षा का फैला रहा है उजियारा, जानें कौन है वो शिक्षक जो बना दूसरों के लिए मिसाल.. पढ़े खबर..!

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रायगढ़, 12 सितम्बर। अपने काम के प्रति ईमानदारी और अपने कर्तव्य को पूरी करने का दायित्व कैसे निभाया जाता है इसकी प्रेरणा रायगढ़ जिले में स्थित ग्राम डूमरमुड़ा के प्राथमिक शाला के प्रधान पाठक पूर्णानंद देवता से मिलती है।

एक तरफ कोरोना के भय के कारण लोगों की मानसिक स्थिति ठीक नहीं रहती है, मन शांत नहीं रहता तथा तरह-तरह के खयालों से संक्रमित मरीजों का ध्यान भटकते रहता है। उनके मन में यही चलता रहता है कि अस्पताल में बैठे-बैठे वे क्या करें, कब जल्द ठीक हो और वे कब घर जाएं , लेकिन इसी बीच रायगढ़ के केआईटी कोविड-19 हॉस्पिटल से एक ऐसी दिलखुश व प्रेरित करने वाली सूचना मिल रही है जहां एक शिक्षक जो प्राइमरी स्कूल का प्रधान पाठक है उनके द्वारा बच्चों को ऑनलाइन क्लास के जरिए शिक्षा दी जा रही है।

हम बात कर रहे हैं ग्राम डुमरमुड़ा प्राइमरी स्कूल के प्रधान पाठक पूर्णानंद देवता जी की, वे कोरोना संक्रमित है और केआईटी कोविड हॉस्पिटल में अपना ईलाज करा रहे हैं। पूर्णानंद देवता आज समाज के सभी शिक्षकों के लिए एक प्रेरणा बनकर सामने आए हैं। कोरोना से लड़ते हुए उनका जज्बा काबिले – ऐ – तारीफ है क्योंकि कोरोना पॉजिटिव होते हुए भी हॉस्पिटल से वे बच्चों को ऑनलाइन क्लास के जरिए शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। समाज में ऐसे शिक्षकों की उपस्थिति से अन्य लोगों को प्रेरणा मिलती है।

ऑनलाइन क्लास का स्क्रीनशॉट

निसंदेह पूर्णानंद देवता जी का आत्मबल एवं शिक्षा के प्रति अलख जगाने की जो सोच है उसकी जितनी तारीफ की जाए वह कम है। रिटायरमेंट के करीब पूर्णानंद देवता जी की इच्छा शक्ति अभी भी बहुत तीव्र है। ऐसे वक्त में इस उम्र में जहां कोरोना पॉजीटिव होने के बाद लोगों को आराम की जरूरत होती है, दिमाग में जोर डालने की जरूरत नहीं होती है तो वहीं पूर्णानंद देवता जी अपने हिम्मत व हौसले से इन सब से परे विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी डी के पटेल के मार्गदर्शन में बच्चों को शिक्षा की ऑनलाइन दीक्षा दे रहें हैं। पूर्णानंद देवता जैसे शिक्षकों की उपस्थिति से रायगढ़ जिला गौरवान्वित हो रहा है।