रायगढ़ / ईद-ए-मिलाद पर्व में नहीं निकाले जायेंगे जुलूस.. शांति समिति की बैठक में मुस्लिम समुदाय ने भरी हामी..!!

रायगढ़। कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए इस वर्ष ईद-मिलाद-उन-नबी पर्व में मुस्लिम समुदाय द्वारा जुलूस नहीं निकाला जावेगा । मुस्लिम धर्मवलंबियों तथा शहर के गणमान्य नागरिकों के साथ हुई शांति समिति की बैठक में सीएसपी एवं एसडीएम रायगढ़ के साथ चर्चा में उक्त निर्णय पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने हामी भरी है ।

आज पुलिस नियंत्रण कक्ष में ईद-ए-मिलाद पर्व को शांतिपूर्ण रूप से मनाये जाने के संबंध में शांति समिति की बैठक सीएसपी अविनाश सिंह एवं एसडीएम रायगढ़ युगल किशोर उर्वशा की अगुवाई में लिया गया । बैठक में कोविड-19 के संक्रमण को देखते हुये अधिकारियों द्वारा शांतिपूर्ण तरीके से प्रशासन की गाइडलाइन के साथ पर्व को पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाने के संबंध में तैयार एजेंडा पर चर्चा किये ।

अधिकारियों ने बताया कि कोविड-19 संक्रमण के कारण शासन के गाइडलाइन अनुसार शहर में भीड़ एकत्र ना हो इसके सख्त निर्देश दिए गए हैं । इस कारण इस वर्ष पर्व में जुलूस न निकाले । पर्व में मुस्लिम समुदाय के द्वारा अपने मोहल्लों में व मस्जिद के पास लंगर लगाकर सामग्री का वितरण किया जाता है जिससे भीड़ एकत्र होती है इसलिए लंगर मोहल्लों व मस्जिद के पास ना लगाकर अपने घरों में लगाकर सामग्री वितरण करें ।अधिकारियों को निर्देशित किया गया है मस्जिद में थर्मल स्क्रीन व सैनिटाइजर, हैंडवाश की व्यवस्था की जाए तथा मस्जिद में एक रजिस्टर संधारण किया जाए जिसमें मस्जिद में आने वाले व्यक्तियों का पूरा नाम, पता व मोबाइल नंबर का उल्लेख हो ।

बैठक में विशेष तौर पर निर्देशित किया गया है कि कोविड-19 के लक्षण जैसे सर्दी, बुखार, खांसी व सांस लेने में तकलीफ हो या ऐसे व्यक्तियों को मस्जिद आने से मना किया जाए । बुजुर्गो व बच्चों को मस्जिद में नमाज के लिए आने से मना करें । मस्जिद में नमाज के लिए आने वाले व्यक्ति एक दूसरे से सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखें व मास्क लगावें । मस्जिद में संपूर्ण नमाज का वीडियोग्राफी करने तथा नमाज के दौरान ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा साथ ही मस्जिद में नमाज के पूर्व और नमाज के बाद पूरी तरह से सेनेटाइज किया जावे, बताया गया है ।

शांति समिति की बैठक में शहर के सभी कोतवाल तथा पूर्व सभापति शेख सलीम नियारिया (पार्षद वार्ड क्रमांक 17), वसीम खान जूटमिल सुन्नी मक्का, पसंबर अंसारी बाजीराव पारा, नरेश डनसेना जोरापाली, मनीष शर्मा किरोड़ीमलनगर, मोहम्मद इकबाल किरोड़ीमलनगर, हरिकिशोर चंद्रा किरोड़ीमलनगर, निजामुद्दीन जूटमिल, अयूब अली दानीपारा, मोहम्मद आवेश चांदनी चौक, मुबस्सिद हुसैन मधुबन पारा उपस्थित थे ।