रायगढ़/ और चढ़ा दी गयी बिलाई नाले की बलि! कभी खाना पकता था इसके पानी से, आज है सिर्फ काला गंदा बदबूदार जहरीला पानी! खेत बने दलदल.. मिला बड़े मवेशी का कंकाल भी.. किसका है ये गंदा पानी..! विधायक को भी है पता.. पढ़िए ग्राउंड रिपोर्ट, देखे वीडियो..

रायगढ़। साफ पानी हवा सबके लिए जरूरी भी है और अधिकार भी। मगर विकास के नाम पर रायगढ़ जिले ने उसकी बहुत भारी कीमत चुकाई है, बदले में हमें इन सब चीजों की कुर्बानी देनी पड़ी है। थोड़े से स्वार्थ के लिए किस तरह उद्योग प्राकृतिक स्त्रोतों को बर्बाद करते हैं और पूरे समाज को इसका परिणाम भुगतने के लिए छोड़ देते हैं। ऐसा ही एक मामला आज हम आपको बताने वाले हैं यह मामला है रायगढ़ शहर के वार्ड नंबर 34 और 41 के बीच छाता मुड़ा क्षेत्र का। यहाँ एक नाला पड़ता है। इसे बिलाई नाला कहा जाता है। एक उद्योग के बसने के पहले यहां लोग खाने-पीने से लेकर निस्तारित के लिए इस नाले का प्रयोग करते थे, मगर आज की दशा ऐसी है कि आपको इसके बगल से गुजरना पड़े तो नाक में रुमाल बांधना होगा।

खाना बनाया जाता था इस पानी से

इस पूरे मामले का खुलासा हुआ जब इस नाले पर एक पुल का उद्घाटन रायगढ़ विधायक प्रकाश नायक करने के लिए आए। हमारे पत्रकार साथी भी वहां मौके पर पहुंचे थे नाले की हालत देखकर उन्होंने आसपास के लोगों से इसके बारे में जब पूछताछ की तो चौंकाने वाली बात पता चली। स्थानीय बाशिंदों ने बताया कि कभी बिलाई नाले के पानी का उपयोग किया करते थे। पानी इतना साफ था कि दाल बनाने के लिए इसके पानी का उपयोग किया जाता था। निस्तारी का काम भी यहां होता था। मगर पिछले 10 सालों से यहां से थोड़ी दूर स्थित कृष्णा सॉल्वेंट का केमिकल युक्त गंदा पानी जब से इस नाले में मिलने लगा, यहां का पानी काला हो गया है। गंदी बदबू आती है। इस पानी का उपयोग करना तो दूर अब यहां से गुजरते हैं तो मुंह पर कपड़ा रखना होता है। इसके साथ ही बीमारियों का खतरा भी बना होता है।

मैंने नही किया गंदा..???

इस बारे में जब कृष्णा सॉल्वेंट के प्रबंधन से बात की गई तो उनका स्पष्ट रूप से कहना था कि हमारा पानी उस नाले में नहीं मिलता; अगर आपको कोई नाली हमारे प्लांट से निकलकर नाले में मिलती दिखाई दे, तो आप हमें बताएं। प्रबंधन का जवाब सुनकर चौकना तो जायज था! क्योंकि एक तरफ जहां स्थानीय बाशिंदे स्पष्ट रूप से कह रहे थे कि यह पानी कृष्णा सॉल्वेंट का ही है; तो ऐसे में पता लगाना जरूरी हो गया था कि आखिर यह चक्कर है क्या..?

निकासी का दिखावा..? दलदल हो गए आसपास के खेत.. मिला बड़े मवेशी का कंकाल

बगल के खेत में दलदल में मिला मवेशी का कंकाल

हालांकि उद्योग प्रबंधन ने कहा कि हम पानी को वापस इस्तेमाल होने लायक बनाते हैं। इसके लिए हम तालाब का उपयोग करते हैं और हमारा पानी तालाब में जाता है। लेकिन जब हमने तालाब को देखा तो तालाब पूरी तरह से सूखा हुआ था। देखने से ऐसा लग रहा था कि यहां शायद ही कभी पानी स्टोर किया गया हो। प्लांट के बगल से काफी बड़ा खेत जुड़ा हुआ है। इस खेत पर कीचड़ नुमा पानी फैला हुआ था। खेत में थोड़ी दूरी पर दलदल के करीब 1 बड़े मवेशी का कंकाल भी हमें देखने को मिला। हो सकता है वह दलदल में फंस कर अपने प्राण गवा बैठा हो।

प्लांट के पानी से दलदल में तब्दील खेल

जब खेत के रास्ते आगे बढ़ते चले गए तो हमें कहीं पतली नालिया दिखाई दी। जिन से पानी होकर आगे बढ़ रहा था। आगे कुछ दूरी पर जाने के बाद हम एक पाइपनुमा ढोल दिखाई दिया। जिससे पानी पास होकर आगे की ओर कर रहा था। यह सारा पानी प्लांट से निकलने वाला ही था। जो आगे जाकर इस बिलाई नाले में जाकर मिल जाता है।

ढोल (गोल पाइप) जहां से पानी निकलता है

जनता झूठ नही बोल रही हैं !

फिलहाल हमारी पड़ताल में तो नाले का पानी गंदा कैसे हुआ? जांच में मिला कि पानी तो कृष्णा सॉल्वेंट से निकलने वाला ही था। वहां की पब्लिक झूठ नहीं बोल रही थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस मामले की शिकायत कई बार की जा चुकी है, मगर कभी भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिखी। नाले का पानी दिन-ब-दिन गंदा होता जा रहा है। केमिकल युक्त गंदा पानी मिलने से आसपास के भूजल स्त्रोतों कभी खराब होने का खतरा है। फिलहाल इस इलाके की जमीन की नीचे का पानी कितना खराब हुआ है? यह तो लेबोरेटरी के जांच के बाद ही पता चल पाएगा।

पार्षद ने विधायक को बताया है

श्रीमती शांति सिदार जो वार्ड नंबर 41 की पार्षद है। उन्होंने इस मामले को उठाने की कोशिश जरूर की है। उन्होंने उद्घाटन करने आए रायगढ़ विधायक प्रकाश नायक को इसके लिए आवेदन भी दिया है। अब विधायक प्रकाश नायक इस मामले को कितनी संजीदगी से लेते हैं, यह तो उनके विवेक पर निर्भर करता है। लेकिन फिलहाल हमने यह देखा और हमने आम जनता की बात को सबके समक्ष स्पष्ट रूप से प्रस्तुत कर दिया।

वैसे देखा जाए तो उद्योगों द्वारा हो रहे प्रदूषण के लिए पर रायगढ़ में पर्यावरण विभाग तो है मगर वह कितना सक्रिय और कर्तव्यनिष्ठ है ? इस पर सवालिया निशान तो हमेशा खड़े रहते हैं। कई आवेदनों के बाद भी ऐसे कई मामले हैं जिन पर आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। यह विभाग जनता का कम और उद्योगों का ज्यादा है हितैषी है।

इस पूरे मामले की लाइव वीडियो फेसबुक के माध्यम से जन कारवां संगठन के द्वारा चलाई गई है। इसमें काफी कुछ इस मामले की सच्चाई है। इसके अलावा एक और वीडियो सोशल मीडिया में चलाया गया है। जो इस पूरे मामले की तह तक जाता है। नीचे इन वीडियो को देख सकते हैं और मामले की सच्चाई आपको खुद ब खुद समझ में आ जाएगी।

देखें लाइव वीडियो

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