रायगढ़/ कृषि कानून बिल को लेकर सांसद निवास का घेराव ! आपस में भिड़े भाजयुमो और युवा कांग्रेस ! थाने तक पहुंची नौबत.. कांच से टुकड़ो से हाथापाई करने का लगाया आरोप.. भाजयुमो भी पथराव एवम अभद्र भाषा की शिकायत लेकर पहुँची सिटी कोतवाली… कुछ को लगी चोट.. पढ़िए राजनीतिक उठापटक की पूरी रिपोर्ट.. देखे वीडियो!!

RIG24:रायगढ (12जन.)। आज दिन भर रायगढ़ जिले का सियासी ड्रामा चरम सीमा पर रहा। पहले युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष विक्की आहूजा एवम उनके कार्यकर्ताओ के द्वारा इतवारी बाजार से रैली के रूप में पैदल मार्च करते हुए सांसद गोमती साय के बंगले के घेराव किया गया। यह घेराव कृषि कानून बिल को लेकर किया गया।

वहीं दूसरी तरफ भाजपा युवा मोर्चा के नगर अध्यक्ष एवम उनके कार्यकर्ताओ के द्वारा सांसद की गैर मौजूदगी में बंगले की सुरक्षा का कार्यभार अपने हाथों संभाला साथ ही विरोध स्वरूप हाथों में आईना लेकर खड़े होते हुए नजर आए।

युवा कांग्रेस के द्वारा सांसद भवन घेराव रैली

लेकिन बात यही खत्म नही हुई, जहाँ भाजपा युवा मोर्चा अपना विरोध जता रही थी, वहीँ पूर्व निर्धारित समय पर युवा कांग्रेस के द्वारा विरोध प्रकट करने कार्यकर्ता पहुंचे, उनका का सामना सांसद निवास के सामने पहले से उपस्थित भाजपा युवा मोर्चे से हुई, तो थोड़ा झूमा झुट्की भी होना लाजमी थी, और यह हुआ भी।

युका के द्वारा सिटी कोतवाली में प्रस्तुत आवेदन

अगर देखा जाए तो सांसद भवन की सुरक्षा को लेकर एतिहातन तौर पर पुलिस बल भी मौजूद था। तथाकथित तौर पर झूमा झुट्की में दोनों पक्षो को हल्की खरोंचे भी आई। जिसके बाद से इस मामले में और तूल पकड़ लिया।

भाजपा युमो के द्वारा सिटी के लिए पैदल मार्च

पहले युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के द्वारा सिटी कोतवाली में आवेदन पत्र प्रस्तुत करते हुए बताया गया कि भाजपा के कुछ नेताओं के द्वारा उनके साथ कांच के टुकड़ों से हाथापाई की गई है।

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जिसके बाद बीजेपी युवामोर्चा भी शहर के बीच चौक चौराहो से रैली निकालते और नारेबाजी करते हुए कोतवाली पहुँचा और अपना आवेदन पत्र प्रस्तुत किया। जिसमें बीजेपी युमो ने युवाकांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर पथराव करने व अभद्र भाषा का प्रयोग करने का आरोप लगाया।

भाजपा युमो के द्वारा सिटी कोतवाली में प्रस्तुत आवेदन

बरहाल दिन भर चले इस ड्रामे का पटाक्षेप कोतवाली प्रभारी के सामने होने की कवादत मची रही। जिसमे सिटी कोतवाली ने दोनों पक्षो से आवेदन ले लिए है और मामले की जांच के बाद ही स्पष्ट हो पायेगा की आखिर गलती किसकी थी या फिर जनता को गुमराह करने हेतु राजनीतिक दाव पेच मात्र था।