लॉक डाउन और पोस्ट ऑफिस की अव्यवस्था बनी परीक्षार्थियों की मुसीबतें…! छात्रों ने अपनी समस्या बताते कुलपति के नाम प्राचार्य को सौंपा ज्ञापन..!!

रायगढ़। आज दोपहर 1 बजे के समीप पी डी कॉलेज के निर्दलीय स्टूडेंट्स यूनियन छात्र हित पैनल ने अटल बिहारी वाजपेयी विश्विद्यालय के कुलपति के नाम प्राचार्य एस के एक्का को ज्ञापन सौंपा गया है। जिसमें पैनल ने मुख्य रूप से परीक्षार्थियों की समस्याओं को विश्विद्यालय को अवगत कराया है।छात्रो ने कुलपति को लिखे पत्र में निम्न बिंदुओं के माध्यम से अपनी समस्याएं बताई है।

उत्तरपुस्तिका प्रिंट करवाना पड़ रहा महंगा:-

यूनिवर्सिटी को लिखे हुए पत्र में छात्रो का कहना है कि उत्तरपुस्तिका वितरण एवम जमा करने संबंधित प्रावधान जो यूनिवर्सिटी से मिले थे।उसको लेकर काफी समस्या है।ग्रामीण अंचल से आने वाले कई ऐसे छात्र है जिनको नए दिशा निर्देश के अनुरूप उत्तरपुस्तिका प्रिंट करवानी पड़ रही है।जिसमें 32 पेज की कीमत लगभग 10 रुपये प्रति पेज की दर से 320 रुपये पड़ रही है।जो सक्षम है वह तो प्रिंट करवा लें रहे है।लेकिन जो असक्षम है वह वंचित रह जा रहे है।

उत्तरपुस्तिका जमा की मियाद:

इसके अलावा समस्त परीक्षा समाप्त होने के बाद कॉलेज में नियमानुसार 5 दिवसों के भीतर कॉपियां भेजनी है।जबकि 24 तारिक से लॉक डाउन की जिले में स्तिथि है।ऐसे में आज अंतिम वर्ष की परीक्षा समाप्त हो रही परीक्षाओ के मद्देनजर कॉपियां भेज पाना नामुकिन सा लगता है।सभी छात्र इतने सम्पन्न नही है जो कॉपियां प्रिंट करने और उसे भेजने के लिए आर्थिक रूप से सक्षम हो।अगर अनुमानित तौर पर पकड़ा जाए तो प्रत्येक कॉपी 400 रुपये तक कि पड़ रही है।जबकि यूनिवर्सिटी के द्वारा हम छात्रो से परीक्षा फीस अलग से ले लिया गया है औऱ विश्विद्यालय अपनी जिम्मेदारी छोड़कर डाक घर की ओर अग्रेसित कर रहा है।

डाक घरों की अव्यवस्था:
जबकि डाक घरों का यह हाल है कि एक सीमित समेत में ही स्पीड पोस्ट की सुविधा उपलब्ध है।कॉलेज परिसर की अपेक्षा डाक घर का परिसर भी छोटा है और एक साथ इतने सारे कॉलेज के परीक्षार्थियों के आ जाने से सोशल डिस्टेंस और फिजिकल डिस्टेंस का पालन हो पाना संभव नही है।

इन्ही सभी बातों को लेकर छात्र हित पैनल ने कुलपति के नाम पत्र लिखा है और कहा है कि जल्द से जल्द छात्र हित को ध्यान में रखते हुए उचित कदम उठाए।अन्यथा आगे छात्र मूल्यों के लिए आंदोलन करने हेतु बाध्य होंगे।

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