RIG Big Breaking: अडानी-महाजेनको की कोयला खदान की स्वीकृति रुकी ! ग्रीनमैन रमेश अग्रवाल के पत्र पर मंत्रालय ने अपनाया कड़ा रुख !!

1,979 views

रायगढ़: तमनार स्थित अडानी – महाजेनको की महत्वकांक्षी गारे पेलमा सेक्टर २ कोयला खदान की पर्यावरण स्वीकृति एक बार फिर खटाई में पड़ गई है | केन्द्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने दिनांक 4 जनवरी 2021 को गोल्मेन एनवायरमेंट प्राइज़ विजेता और जन चेतना के संस्थापक रमेश अग्रवाल को पत्र प्रेषित कर जानकारी दी है कि मंत्रालय द्वारा 1 जनवरी 2021 को महाजेनको को पत्र प्रेषित किया गया है। पत्र में स्पस्ट किया गया है कि जब तक फारेस्ट क्लीयरेंस नहीं मिल जाता है तब तक पर्यावरण स्वीकृति नहीं दी जा सकती। साथ ही एनजीटी के उस आदेश पर भी जवाब माँगा गया है जिसके द्वारा तमनार घरघोड़ा में ओपन कास्ट माइनिंग पर रोक लगाई गई है।


अहम पहलू यह भी है कि मंत्रालय ने इतिहास में पहली बार इ.आई.ऐ. रिपोर्ट बनाने वाले कंसल्टेंट पर गलत रिपोर्ट/प्रस्ताव देने पर कार्यवाही करने आदेशित किया है। विदित हो कि रमेश अग्रवाल शूरू से ही तमनार के ग्रामीणों के साथ इस खदान के खिलाफ कंधे से कंधे मिलाकर लड़ाई लड़ रहे हैं। एक तरफ जहा ग्रामीण रोड की लड़ाई लड़ रहे हैं तो रमेश अग्रवाल ने क़ानूनी और इ.आई.ऐ. रिपोर्ट की खामियों को मंत्रालय के समक्ष रखना जारी रखा।

मंत्रालय का पत्र

Ministryletter


गारे पेलमा सेक्टर २ कोयला खदान की जन सुनवाई के खिलाफ रमेश अग्रवाल छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट भी गये थे एवं कोर्ट के आदेश के बाद जिला प्रशासन जन सुनवाई स्थगित करने पर बाध्य हो गया था। अंततः नियम कानूनों को दरकिनार कर 27 सितंबर 2019 को बिना जन के जन सुनवाई की खानापूर्ति पूरी ली गई। सितंबर 2020 में मंत्रालय की एक्सपर्ट कमेटी ने परियोजना स्वीकृति की अनुशंषा भी कर दी। साधारणतया कमेटी की अनुशंषा के बाद स्वीकृति पत्र जारी कर दिया जाता है लेकिन इस मामले में मंत्रालय के उच्च अधिकारीयों ने परियोजना को स्वीकति नहीं दी।