रायगढ़/ मवेशी ढूंढने जंगल गया था ग्रामीण.. तभी हाथी से हुआ सामना… झुंड से बिछड़े हाथी ने पटक-पटक कर उतारा मौत के घाट..!!

रायगढ़। हाथियों द्वारा लोगों की मौत का सिलसिला बदस्तूर जारी है अभी कुछ दिनों पहले छत्तीसगढ़ में साथियों का मौत का सिलसिला भी चल रहा था एक के बाद एक हाथियों की मौत हो रही थी पर अब यह सिलसिला थम कर हाथियों द्वारा लोगों को मौत के घाट उतारना जैसे हो गया है। एक बार फिर हाथी नहीं एक ग्रामीण की जान ले ली पूरा मामला तमनार के अमलीडीह सर्किल का है जहाँ मंगलवार सुबह हाथी ने मवेशी ढूंढने जंगल गए ग्रामीण की जान ले ली। घटना की सूचना मृतक ग्रामीण के बेटे ने विभाग को दी। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम को घटना स्थल कर निरीक्षण कर शव पीएम के लिए भेजा और मृतक के परिजनों को 25 हजार रुपए तात्कालिक सहायता राशि प्रदान की।

क्षेत्र प्रभारी ने बताया कि मृतक बंशी राठिया पिता लमरू राठिया सुबह 6 बजे उठकर अपने मवेशी को ढूंढने के लिए जंगल की तरफ गया था। इसी दौरान जंगल में विचरण कर रहे हाथी से बंशी की मुठभेड़ हुई और उसे संभलने का मौका नहीं मिला। हाथी ने मौके पर बंशी को पटका और कुचल कर जान ले ली। काफी देर तक पिता जब घर नहीं पहुंचे और मृतक का बड़ा बेटा ढूंढने के लिए जंगल की तरफ गया तो उसे पिता का शव पड़ा मिला।

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घटना की सूचना बेटे ने तत्काल विभाग को दी, जिसके बाद पूरी टीम मौके पर पहुंची। मौके की जांच में वन विभाग को सिर्फ एक ही हाथी के पैरों के निशान मिले हैं। क्षेत्र में सोमवार की रात एक नर हाथी विचरण कर रहा था। इसे देखते हुए विभाग ने रात में सामारूमा और अमलीडीह में मुनादी भी कराई गई थी, इसके बाद भी सुबह ग्रामीण मवेशी ढूंढने जंगल की तरफ गया जिसकी वजह से यह हादसा हुआ है।

मुनादी के बाद भी ग्रामीण जंगल गया, इसलिए हादसा
“रात में अमलीडीह और समारूमा गांव के आसपास हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए मुनादी कराई गई थी। ग्रामीण सुबह उठकर जंगल की तरफ चला गया। जहां एक नर हाथी से अचानक मुठभेड़ में यह हादसा हुआ है। ”
-मनोज पांडेय, डीएफओ रायगढ़