बुराई पर अच्छाई की जीत का त्यौहार है "होली" 

फाल्गुन माह की पूर्णिमा के दिन होली का त्यौहार मनाया जाता है 

शाम के समय शुभ मुहूर्त के अनुसार होलिका दहन किया जाता है 

होलिका दहन के समय भूलकर भी नहीं करनी चाहिए ये गलतियां 

मान्यता है कि होलिका दहन की अग्नि को जलते हुए शरीर का प्रतीक माना जाता है. इसलिए किसी भी नवविवाहिता को ये अग्नि नहीं देखनी चाहिए. इसे अशुभ माना गया है

होलिका दहन वाले दिन किसी भी व्यक्ति को पैसा उधार देने की मनाही होती है. ऐसा करने से व्यक्ति की आर्थिक समस्याएं बढ़नी शुरू हो जाती है 

मान्यता है कि माता-पिता की इकलौती संतान होने पर होलिका दहन की अग्नि को प्रज्जवलित करने से बचें. इसे शुभ नहीं माना जाता

मान्यता है कि इस दिन होलिका दहन के लिए पीपल, बरगद या आम की लकड़ियों का इस्तेमाल न करें ये पेड़ दैवीय और पूजनीय पेड़ हैं

साथ ही इस मौसम में इन वृक्षों पर नई कोपलें आती हैं, ऐसे में इन्हें जलाने से नकारात्मकता फैलती है

कहते हैं कि इस दिन अपनी माता का आशीर्वाद जरूर लें. उन्हें कोई उपहार ला के दें, ऐसा करने से श्रीकृष्ण प्रसन्न होते हैं

यह सुचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है | हम किसी भी तरह की जानकारी की पुष्टि नहीं करते 

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