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HDB फाइनेंशियल का 12,500 करोड़ रुपये का IPO खुला, पहले दिन धीमी शुरुआत, रिटेल से उम्मीदें कायम

मुंबई। देश की जानी-मानी नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) और HDFC बैंक की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी HDB फाइनेंशियल सर्विसेज ने अपना बहुप्रतीक्षित प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) 25 जून 2025 को बाजार में पेश किया। पहले दिन इश्यू को कुल 0.40 प्रतिशत की सब्सक्रिप्शन मिली, जिससे निवेशकों का शुरुआती रुख थोड़ा ठंडा नजर आया।

पहले दिन की सब्सक्रिप्शन स्थिति

कंपनी के IPO में:

  • क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का हिस्सा मात्र 0.01 गुना भरा,
  • नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 0.81 गुना,
  • रिटेल इनवेस्टर्स का हिस्सा 0.33 गुना,
  • जबकि कंपनी के कर्मचारियों के लिए आरक्षित हिस्सा 1.86 गुना सब्सक्राइब हुआ।

इश्यू डिटेल्स: 27 जून तक खुलेगा IPO

HDB फाइनेंशियल सर्विसेज का कुल 12,500 करोड़ रुपये का यह इश्यू 27 जून तक खुला रहेगा। इसमें:

  • 2,500 करोड़ रुपये के फ्रेश इश्यू के तहत 3.38 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे,
  • साथ ही प्रमोटर HDFC बैंक द्वारा 10,000 करोड़ रुपये के 13.51 करोड़ शेयर ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत बेचे जाएंगे।

IPO का प्राइस बैंड 700 से 740 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है और न्यूनतम लॉट साइज 20 शेयरों का है।

IPO से जुटी राशि का उपयोग

कंपनी फ्रेश इश्यू से जुटाई गई रकम का उपयोग अपने टियर-1 कैपिटल बेस को मजबूत करने में करेगी, ताकि भविष्य में बढ़ती फंडिंग आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके। महत्वपूर्ण बात यह है कि IPO के बाद भी HDB फाइनेंशियल, HDFC बैंक की सहायक कंपनी बनी रहेगी।

कंपनी प्रोफाइल और संचालन

HDB फाइनेंशियल सर्विसेज भारत में 1,680 शाखाओं के माध्यम से अपने ग्राहकों को सेवाएं दे रही है। इसके प्रमुख लोन सेगमेंट्स में व्हीकल फाइनेंस और प्रॉपर्टी के एवज में लोन शामिल हैं। NBFC सेक्टर में इसकी सशक्त उपस्थिति इसे निवेशकों के लिए एक मजबूत विकल्प बनाती है।

शेयर अलॉटमेंट और लिस्टिंग शेड्यूल

IPO के बंद होने के बाद शेयरों का अलॉटमेंट 30 जून को फाइनल किया जाएगा। इसके बाद कंपनी के शेयर 2 जुलाई को बीएसई (BSE) और एनएसई (NSE) पर लिस्ट होंगे।

ग्रे मार्केट में शेयर का हाल

ग्रे मार्केट में HDB फाइनेंशियल के शेयर 740 रुपये के अपर प्राइस बैंड पर करीब 48 रुपये यानी 6.49 प्रतिशत के प्रीमियम पर ट्रेड हो रहे हैं। यह निवेशकों के बीच कंपनी को लेकर सकारात्मक धारणा को दर्शाता है।

SEBI से मिली मंजूरी और एंकर इनवेस्टर्स की रुचि

HDB फाइनेंशियल ने अक्टूबर 2024 में SEBI के पास अपना DRHP दाखिल किया था और जून 2025 की शुरुआत में इसे मंजूरी प्राप्त हुई। IPO लॉन्च से पहले कंपनी ने एंकर इनवेस्टर्स से 3,369 करोड़ रुपये का मजबूत निवेश आकर्षित किया, जो इस इश्यू में बाजार की रुचि को दर्शाता है।

निष्कर्ष

HDB फाइनेंशियल सर्विसेज का यह IPO भारतीय निवेशकों और बाजार विश्लेषकों की गहरी नजर में है। जहां पहले दिन की धीमी शुरुआत कुछ हद तक सतर्कता दर्शाती है, वहीं ग्रे मार्केट प्रीमियम और एंकर निवेशकों की मजबूत भागीदारी यह संकेत देती है कि आगे चलकर रिटेल और संस्थागत निवेशकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिल सकती है। यह इश्यू ना केवल निवेश के लिए एक मौका है, बल्कि NBFC सेक्टर में भरोसेमंद विकल्प की तलाश कर रहे निवेशकों के लिए भी एक अहम अवसर साबित हो सकता है।

HDB फाइनेंशियल का 12,500 करोड़ रुपये का IPO खुला, पहले दिन धीमी शुरुआत, रिटेल से उम्मीदें कायम

मुंबई। देश की जानी-मानी नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) और HDFC बैंक की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी HDB फाइनेंशियल सर्विसेज ने अपना बहुप्रतीक्षित प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) 25 जून 2025 को बाजार में पेश किया। पहले दिन इश्यू को कुल 0.40 प्रतिशत की सब्सक्रिप्शन मिली, जिससे निवेशकों का शुरुआती रुख थोड़ा ठंडा नजर आया।

पहले दिन की सब्सक्रिप्शन स्थिति

कंपनी के IPO में:

  • क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का हिस्सा मात्र 0.01 गुना भरा,
  • नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 0.81 गुना,
  • रिटेल इनवेस्टर्स का हिस्सा 0.33 गुना,
  • जबकि कंपनी के कर्मचारियों के लिए आरक्षित हिस्सा 1.86 गुना सब्सक्राइब हुआ।

इश्यू डिटेल्स: 27 जून तक खुलेगा IPO

HDB फाइनेंशियल सर्विसेज का कुल 12,500 करोड़ रुपये का यह इश्यू 27 जून तक खुला रहेगा। इसमें:

  • 2,500 करोड़ रुपये के फ्रेश इश्यू के तहत 3.38 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे,
  • साथ ही प्रमोटर HDFC बैंक द्वारा 10,000 करोड़ रुपये के 13.51 करोड़ शेयर ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत बेचे जाएंगे।

IPO का प्राइस बैंड 700 से 740 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है और न्यूनतम लॉट साइज 20 शेयरों का है।

IPO से जुटी राशि का उपयोग

कंपनी फ्रेश इश्यू से जुटाई गई रकम का उपयोग अपने टियर-1 कैपिटल बेस को मजबूत करने में करेगी, ताकि भविष्य में बढ़ती फंडिंग आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके। महत्वपूर्ण बात यह है कि IPO के बाद भी HDB फाइनेंशियल, HDFC बैंक की सहायक कंपनी बनी रहेगी।

कंपनी प्रोफाइल और संचालन

HDB फाइनेंशियल सर्विसेज भारत में 1,680 शाखाओं के माध्यम से अपने ग्राहकों को सेवाएं दे रही है। इसके प्रमुख लोन सेगमेंट्स में व्हीकल फाइनेंस और प्रॉपर्टी के एवज में लोन शामिल हैं। NBFC सेक्टर में इसकी सशक्त उपस्थिति इसे निवेशकों के लिए एक मजबूत विकल्प बनाती है।

शेयर अलॉटमेंट और लिस्टिंग शेड्यूल

IPO के बंद होने के बाद शेयरों का अलॉटमेंट 30 जून को फाइनल किया जाएगा। इसके बाद कंपनी के शेयर 2 जुलाई को बीएसई (BSE) और एनएसई (NSE) पर लिस्ट होंगे।

ग्रे मार्केट में शेयर का हाल

ग्रे मार्केट में HDB फाइनेंशियल के शेयर 740 रुपये के अपर प्राइस बैंड पर करीब 48 रुपये यानी 6.49 प्रतिशत के प्रीमियम पर ट्रेड हो रहे हैं। यह निवेशकों के बीच कंपनी को लेकर सकारात्मक धारणा को दर्शाता है।

SEBI से मिली मंजूरी और एंकर इनवेस्टर्स की रुचि

HDB फाइनेंशियल ने अक्टूबर 2024 में SEBI के पास अपना DRHP दाखिल किया था और जून 2025 की शुरुआत में इसे मंजूरी प्राप्त हुई। IPO लॉन्च से पहले कंपनी ने एंकर इनवेस्टर्स से 3,369 करोड़ रुपये का मजबूत निवेश आकर्षित किया, जो इस इश्यू में बाजार की रुचि को दर्शाता है।

निष्कर्ष

HDB फाइनेंशियल सर्विसेज का यह IPO भारतीय निवेशकों और बाजार विश्लेषकों की गहरी नजर में है। जहां पहले दिन की धीमी शुरुआत कुछ हद तक सतर्कता दर्शाती है, वहीं ग्रे मार्केट प्रीमियम और एंकर निवेशकों की मजबूत भागीदारी यह संकेत देती है कि आगे चलकर रिटेल और संस्थागत निवेशकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिल सकती है। यह इश्यू ना केवल निवेश के लिए एक मौका है, बल्कि NBFC सेक्टर में भरोसेमंद विकल्प की तलाश कर रहे निवेशकों के लिए भी एक अहम अवसर साबित हो सकता है।

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