ओडिशा की पुरी लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी सुचरिता मोहंती ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है। उन्होंने अपना टिकट लौटाते हुए पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल को लिखी चिट्ठी है। इसमें सुचरिता ने चुनाव लड़ने के लिए फंड नहीं मिलने की बात कही है।
पुरी सीट से कांग्रेस का टिकट लौटाने वाली मोहंती ने बताया कि उनको पार्टी की तरफ से फंड नहीं मिल रहा है। ऐसे में पैसे की कमी के चलते वह चुनाव लड़ने में सक्षम नहीं हैं। सुचारिता ने कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल को पत्र लिखा था। उन्होंने पत् में कहा कि पार्टी की तरफ से राशि ना मिलने की वजह से वह चुनाव प्रचार भी नहीं कर पा रही हैं। बता दें कि 25 मई को छठे चरण में पुरी सीट पर मतदान होना है।
सुचरिता ने न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए कहा कि उन्होंने कहा, विधानसभा में भी सात सीटों पर जिताऊ उम्मीदवारों को टिकट नहीं दिया गया है। कमजोर प्रत्याशियों को मैदान में उतारा गया है।
उन्होंने कहा, टिकट लौटाने के बाद भी कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली है। पार्टी की तरफ से कहा गया कि प्रचार के लिए खुद ही व्यवस्था करनी होगी। पार्टी इसमें कोई मदद नहीं कर सकती।
मोहंती ने कहा, मैं चाहती थी कि विधानसभा सीटों पर मजबूत प्रत्याशी हों तो लोकसभा के लिए प्रचार में भी आसानी हो। उन्होंने बताया कि टिकट बहुत ही लोकतांत्रिक तरीके से मिला था। आम तौर पर पार्टी प्रत्याशियों को फंड देती है। भाजपा ने इतने प्रतिबंध लगा दिए हैं कि पार्टी के लिए भी मुश्किल हो रहा है। पार्टी के सामने भी बड़ी चुनौती है। भाजपा नहीं चाहती की कांग्रेस ठीक से प्रचार कर पाए। ऐसे में पार्टी भी मजबूर है और वह अपने प्रत्याशियों की मदद नहीं कर पा रही है।
ओडिशा में लोकसभा चुनाव के साथ विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। पुरी लोकसभा सीट और राज्य की 7 विधानसभा सीटों के लिए 25 मई को मतदान होना है। नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 6 मई है।
सुचरिता पुरी सीट से भाजपा के संबित पात्रा और बीजू जनता दल (BJD) के अरूप पटनायक के खिलाफ चुनाव लड़ रही थीं। दोनों ही अपना नामांकन दाखिल कर चुके हैं। कांग्रेस ने 2014 लोकसभा चुनाव में भी सुचरिता को अपना प्रत्याशी बनाया था।
पुरी सीट पर कांग्रेस और BJD का वर्चस्व रहा
1952 में स्थापना के बाद से पुरी लोकसभा सीट पर कांग्रेस और BJD के वर्चस्व रहा है। कांग्रेस ने यहां 6 बार- 1952, 1962, 1971, 1980, 1984 और 1996 में जीत दर्ज की है। 1998 से ये सीट BJD के पास है।
2019 में संबित पात्रा सिर्फ 12 हजार वोटों से हारे
2019 के लोकसभा चुनाव में BJD के पिनाकी मिश्रा ने 5 लाख 38 हजार वोटों के साथ जीत हासिल की थी। भाजपा के संबित पात्रा 5 लाख 26 हजार वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे थे। कांग्रेस ने पिछले चुनाव में सत्य प्रकाश नायक को टिकट दिया था। हालांकि, उन्हें सिर्फ 44,734 वोट मिले थे।
सूरत-इंदौर में भी कांग्रेस प्रत्याशी नहीं लड़ रहे चुनाव
पुरी से पहले कांग्रेस को मध्य प्रदेश के इंदौर और अहमदाबाद के सूरत सीट पर भी चुनाव से ठीक पहले झटका लगा है। सूरत में गवाहों के नाम-साइन में गड़बड़ी के कारण कांग्रेस कैंडिडेट नीलेश कुंभाणी का पर्चा रद्द हो गया था। इसके बाद यहां से भाजपा कैंडिडेट मुकेश दलाल निर्विरोध सांसद चुने गए थे।
इंदौर में कांग्रेस प्रत्याशी नाम वापस लेकर भाजपा में शामिल
इंदौर लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी अक्षय कांति बम ने 29 अप्रैल को अपना पर्चा वापस ले लिया। वे मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और भाजपा विधायक रमेश मेंदोला के साथ अक्षय कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। नामांकन वापस लेने के बाद उन्होंने भाजपा भी जॉइन कर ली।



