रायगढ़ (RIG24)। ‘ऑपरेशन आघात’ के तहत कोतरारोड़ के धनागर में पकड़े गए ‘चायपत्ती और स्प्रिट’ वाली नकली शराब के कारखाने मामले में पुलिस को दूसरी बड़ी सफलता मिली है। पुलिस की रेड पड़ते ही मौके से फरार हुए दूसरे मास्टरमाइंड सुभाष पटेल को पुलिस ने जोरापाली स्थित उसके फार्म हाउस से धर दबोचा है।
इस फार्म हाउस की तलाशी में पुलिस को वह ‘किचन’ भी मिल गया है, जहां बाकायदा गैस-चूल्हे पर चायपत्ती उबालकर ‘ब्लैक डॉग’ और ‘रॉयल स्टैग’ जैसी ब्रांडेड शराब का रंग तैयार किया जाता था।

फार्म हाउस में चल रही थी ‘जहर’ की कुकिंग
कल (8 जून की रात) एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देश पर जब पुलिस और आबकारी टीम ने दुष्यंत उर्फ पप्पू के ठिकाने पर दबिश दी थी, तब वहां से 240 लीटर नकली शराब और स्प्रिट बरामद हुई थी। उस वक्त पप्पू का बड़ा भाई सुभाष पटेल पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था।
कोतरारोड़ थाना प्रभारी शील सिंह आदित्य की टीम को भनक लगी कि सुभाष जोरापाली स्थित अपने फार्म हाउस में छिपा बैठा है। पुलिस ने तुरंत घेराबंदी कर 50 वर्षीय सुभाष पटेल को गिरफ्तार कर लिया।
डेगची, गैस-चूल्हा और स्प्रिट: ऐसे बनता था ‘जानलेवा कॉकटेल’
पूछताछ में सुभाष ने जो राज उगले, वो रोंगटे खड़े करने वाले हैं। सुभाष ने कबूला कि वह अपने भाई पप्पू और तीसरे साथी विनय सिंह ठाकुर के साथ मिलकर यह गोरखधंधा चलाता था।
क्या था मॉडस ऑपरेंडी (Modus Operandi)?
- गिरोह सबसे पहले शराब में ‘स्प्रिट’ मिलाकर उसकी मात्रा (Volume) बढ़ाता था।
- स्प्रिट मिलाने से जब शराब का रंग फीका पड़ जाता, तो उसे असली जैसा दिखाने के लिए गैस-चूल्हे पर चायपत्ती का पानी उबाला जाता और उसे शराब में मिला दिया जाता।
- इसके बाद पुरानी खाली बोतलों में यह ‘कॉकटेल’ भरकर, ऊपर से फर्जी होलोग्राम और लेबल चिपका दिए जाते थे।
- फिर इस नकली शराब को कोचियों (अवैध शराब विक्रेताओं) के जरिए असली बताकर बाजार में खपा दिया जाता था।
पुलिस ने सुभाष की निशानदेही पर फार्म हाउस से वह गैस सिलेंडर, सिंगल गैस चूल्हा, एल्युमिनियम की डेगची और कई खाली बोतलें जब्त कर ली हैं, जिनका इस्तेमाल इस नकली शराब को पकाने में किया जा रहा था।
तीसरे आरोपी की तलाश तेज, सुभाष पहुंचा जेल
रायगढ़ पुलिस ने आरोपी सुभाष चन्द्र पटेल को BNS की गंभीर धाराओं और आबकारी एक्ट के तहत न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। अब पुलिस इस गिरोह के तीसरे और आखिरी फरार सदस्य ‘विनय ठाकुर’ की सरगर्मी से तलाश कर रही है।



