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खुद को ‘सिंघम’ बताने वाला बिलासपुर का ‘सिक्योरिटी गार्ड’ गिरफ्तार: ब्लैकमेल किया.. नहीं मानी महिला तो कर दिया अंतरंग  वीडियो वायरल

रायगढ़ (RIG24)। सोशल मीडिया पर अनजान लोगों की प्रोफाइल और तस्वीरों पर आंख मूंदकर भरोसा करना कितना खतरनाक हो सकता है, यह मामला इसका जीता-जागता उदाहरण है। खुद को पुलिस विभाग का अफसर बताकर एक महिला को प्रेमजाल में फंसाने, शारीरिक शोषण करने और फिर छुपकर बनाए गए वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करने वाले एक सिक्युरिटी गार्ड को चक्रधरनगर पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

वर्दी वाली तस्वीरों से जीता भरोसा

जानकारी के मुताबिक, मार्च 2026 में चक्रधरनगर इलाके की रहने वाली 40 वर्षीय महिला की मुलाकात कोरबा रेलवे स्टेशन पर बिलासपुर (मस्तूरी) निवासी अक्षय कुमार कुम्हरानी से हुई थी। आरोपी ने महिला से बातचीत शुरू की और अपना नंबर दिया। इसके बाद उसने व्हाट्सएप पर खुद की ‘वर्दी’ वाली तस्वीरें भेजकर दावा किया कि वह पुलिस विभाग में काम करता है। पुलिस वाले के रुतबे और शादी के झांसे में आकर महिला ने उस पर भरोसा कर लिया, जबकि असल में वह महज एक सिक्युरिटी गार्ड की नौकरी करता था।

धोखे से बनाए वीडियो और शुरू किया ब्लैकमेल

जब आरोपी को पता चला कि महिला गांव में अकेली रहती है, तो वह वहां पहुंचा और शादी का पक्का वादा कर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इसी दौरान उसने धोखे से महिला के अंतरंग फोटो और वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिए।

​इसके बाद ब्लैकमेलिंग का दौर शुरू हुआ। 7 मई को जब पीड़िता अपनी बीमार मां के इलाज के लिए रायपुर के मेकाहारा अस्पताल गई थी, तब आरोपी वहां भी पहुंच गया। उसने महिला पर दबाव बनाया और अपनी शर्तें न मानने पर उन्हीं वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी।

सोशल मीडिया पर अपलोड किए वीडियो, पुलिस ने किया गिरफ्तार

जब महिला उसकी धमकियों के आगे नहीं झुकी, तो आरोपी ने 27 मई 2026 को वो अश्लील तस्वीरें और वीडियो इंस्टाग्राम और फेसबुक पर अपलोड कर दिए। साथ ही व्हाट्सएप पर जान से मारने की धमकियां भी देने लगा। मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर पीड़िता ने चक्रधरनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई।

​मामला दर्ज होते ही चक्रधरनगर पुलिस और साइबर सेल की टीम ने घेराबंदी कर आरोपी अक्षय कुमार (31 वर्ष) को रायगढ़ से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन (Realme C-3) जब्त कर लिया है और आरोपी पर BNS की धारा 69, 296, 351(3) व आईटी एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

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