छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर के नमनाकला स्थित कार्मेल स्कूल में अध्ययनरत 6वीं कक्षा की छात्रा ने मंगलवार की रात अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। छात्रा क्लास टॉपर भी रह चुकी है। सुसाइड करने से पहले उसने सुसाइड नोट भी लिखा है। छात्रा का सुसाइड नोट सामने आया है। इसमें उसने स्कूल की शिक्षिका सिस्टर मर्सी को उसकी मौत का जिम्मेदार बताया है। वहीं बेटी की मौत से दुखी पिता ने मीडिया में कहा है कि स्कूल की शिक्षिका व प्रबंधन द्वारा अन्य बच्चों को भी प्रताडि़त किया जाता है, प्लीज उन्हें बचा लो।

छात्रा ने पंखे पर फंदा लटकाकर लगाई फांसी
जानकारी के मुताबिक, दर्रीपारा निवासी अर्चिशा सिन्हा (12) कार्मेल स्कूल में छठवीं कक्षा में पढ़ती थी। वह पढ़ने में होशियार थी। छात्रा ने मंगलवार रात 11 बजे अपने घर में पंखे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट भी छोड़ा है, जिसमें उसने कार्मेल स्कूल की टीचर्स पर तंग करने का आरोप लगाया है। शिक्षिका ने उसका और अन्य दोस्तों का आईडी कार्ड भी छीन लिया था।

मैं मरकर रिवेंज लूंगी, सिस्टर मर्सी डेंजर है
छात्रा के पिता आलोक कुमार सिन्हा ने बताया कि सुसाइड नोट में बेटी ने लिखा है कि मंगलवार को कार्मेल स्कूल की सिस्टर मर्सी ने उसका और उसके दोस्तों का आईडी कार्ड छीन लिया था। इंग्लिश में लिखे पत्र में उसने स्नेचिंग वर्ड लिखा है।
सुसाइड नोट में छात्रा ने लिखा है कि प्रताड़ना के चलते अब उसके पास सिर्फ मरने का ही रास्ता बचा है। उसने लिखा है कि मैं मरकर रिवेंज (बदला) लूंगी। उसने लिखा है कि वो (सिस्टर मर्सी) बहुत बुरी और डेंजरस है। उसने क्लास 6-D के सहपाठियों के ग्रुप में भी इस बारे में लिखा है। उसे बच्चों के सामने अपमानित किया गया था।

सुसाइड नोट में लिखा- मेरे दोस्तों को अंतिम संस्कार में बुलाना
सुसाइड नोट में लिखा है कि मेरे सभी दोस्तों को अंतिम संस्कार में बुलाना। मुझे प्रताड़ित किया गया। घटना के लिए मेरी मां जिम्मेदार नहीं है। अर्चिशा सिन्हा अपने मां-पिता की एकलौती संतान थी।

सुसाइड से पहले पिता को किया वीडियो कॉल
छात्रा के पिता आलोक कुमार सिन्हा ने बताया कि वे रायपुर में थे। मंगलवार शाम अर्चिशा ने उन्हें वीडियो कॉल किया था। उसने पूरी बात की, लेकिन यह नहीं बताया कि ऐसी घटना हुई है। छात्रा ने सुसाइड नोट में लिखा है कि मेरे दोस्तों को प्रताड़ित नहीं करें।
पिता ने आरोप लगाया है कि कार्मेल स्कूल की सिस्टर मर्सी और सिस्टर जीवा बच्चों को टॉर्चर करती हैं। बच्चों के पेरेंट्स अगर शिकायत करते हैं, तो दूसरे दिन बच्चों को प्रताड़ित किया जाता है, उन्हें मारा जाता है। इसलिए बच्चे माता-पिता को सारी बात नहीं बताते।

