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दिन दहाड़े भाजपा नेता को गोलियों से भून डाला! बाहुबली धनंजय सिंह की पत्नी के खिलाफ लड़ा था चुनाव !

उत्तर प्रदेश के जौनपुर में भारतीय जनता पार्टी के नेता प्रमोद यादव को अपराधियों ने गोली मार दी और दुर्भाग्यवश अस्पताल में इलाज के दौरान उनका निधन हो गया. 2012 में प्रमोद यादव ने बीजेपी के टिकट पर बाहुबली धनंजय सिंह की पत्नी जागृति सिंह के खिलाफ जौनपुर की मल्हनी सीट से चुनाव लड़ा था. उस चुनाव में सपा के पारसनाथ यादव विजयी रहे थे, जबकि जागृति सिंह दूसरे स्थान पर रहीं थीं. हालाँकि, 2017 में धनंजय और जागृति का तलाक हो गया। उसके बाद, धनंजय ने श्रीकला रेड्डी से शादी की, जो वर्तमान में जौनपुर की जिला पंचायत अध्यक्ष हैं।

बाहुबली धनंजय सिंह और अस्पताल में पुलिस

दिन दहाड़े भाजपा नेता की हत्या 

गौरतलब है कि आज सुबह करीब 10 बजे जिले के सिकरारा क्षेत्र स्थित बोधापुर गांव में बाइक पर सवार होकर आए 3 बदमाशों ने भाजपा नेता प्रमोद कुमार यादव पर ताबड़तोड़ फायरिंग की और मौके से फरार हो गए. उन्हें घायल अवस्था में जिला अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. वहीं मौके पर पहुंची पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है.

प्रमोद यादव की हत्या में अभी तक किसी के खिलाफ आरोप तय नहीं हुए हैं. पुलिस बदमाशों की पहचान में जुटी हुई है. इसके लिए बाकायदा सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है और चश्मदीदों को खोज रही है.

प्रमोद यादव

गौरतलब है कि बीते बुधवार को ही पूर्व सांसद और बाहुबली धनंजय सिंह को अपहरण और रंगदारी मामले में सात साल की सजा सुनाई गई है. इसके साथ ही एमपी-एमएलए कोर्ट ने उन पर 50 हजार का जुर्माना लगाया है. उन्हें मंगलवार को दोषी करार दिया गया था.

किस मामले में हुई है सजा?  

10 मई 2020 को जौनपुर के लाइन बाजार थाने में मुजफ्फरनगर निवासी नमामि गंगे के प्रोजेक्ट मैनेजर अभिनव सिंघल ने अपहरण और रंगदारी मांगने का आरोप लगाते हुए धनंजय सिंह और उनके साथी विक्रम पर केस दर्ज कराया था. पुलिस की दी गई तहरीर पर आरोप लगया गया था कि विक्रम अभिनव सिंघल का अपहरण कर पूर्व सांसद के आवास पर ले गया था.  वहां धनंजय सिंह पिस्टल लेकर आए और गालियां देते हुए उनको कम गुणवत्ता वाली सामग्री की आपूर्ति करने के लिए दबाव बनाया. उनके द्वारा इनकार करने पर धमकी देते हुए रंगदारी मांगी थी.

इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने धनंजय सिंह और उनके सहयोगियों के खिलाफ केस दर्ज करके गिरफ्तार कर लिया था. हालांकि बाद में उन्हें कोर्ट से जमानत मिल गई थी. 

चुनाव नहीं लड़ पाएंगे धनंजय सिंह!

बीते शनिवार को जब बीजेपी की ओर से लोकसभा प्रत्याशियों की पहली लिस्ट जारी हुई, उसके बाद धनंजय सिंह ने भी चुनाव लड़ने का संकेत दिया था. उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए कहा था कि साथियों! तैयार रहिए… लक्ष्य बस एक, लोकसभा 73, जौनपुर. हालांकि अब धनंजय को सात साल की जेल हो गई है, अब अगर उन्हें ऊपरी अदालत से राहत नहीं मिलती है तो वो चुनाव भी नहीं लड़ पाएंगे. वहीं सियासी गलियारों में चर्चा ये भी है कि उनकी पत्नी श्रीकला रेड्डी जौनपुर से निर्दलीय चुनाव लड़ सकती है. बता दें कि इस समय श्रीकला रेड्डी जौनपुर जिला पंचायत अध्यक्ष हैं.

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