3 दिसंबर को छत्तीसगढ़ मध्य प्रदेश और राजस्थान में भाजपा पूर्ण बहुमत से आई। चुनाव परिणाम आने के 6 दिन बाद भी भाजपा ने तीनों राज्यों में मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित नहीं किया है। तीनों राज्यों के लिए तीन-तीन लोगों का पैनल बनाया गया है। जिनको मुख्यमंत्री का नाम घोषित करने की जिम्मेदारी दी गई है। बात करें राजस्थान की तो यहां से एक बड़ी खबर है। राजस्थान में जीत के बाद से ही महंत बालकनाथ का नाम मुख्यमंत्री पद के लिए सबसे ज्यादा चर्चा में रहा था मगर लगता है कि अब बाबा बालकनाथ मुख्यमंत्री पद की दौड़ से खुद ही पीछे हो गए हैं। इसका कारण है उनके द्वारा किया गया ट्वीट जो इस बात की और संकेत कर रहा है कि वे अब इस दौड़ में नही है।
उन्होंने अपने ट्वीट पर लिखा है कि
“पार्टी व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में जनता-जनार्धन ने पहली बार सांसद व विधायक बना कर राष्ट्रसेवा का अवसर दिया।चुनाव परिणाम आने के बाद से मीडिया व सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं को नज़र अंदाज़ करें।मुझे अभी प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में अनुभव प्राप्त करना हैं।“
उनके बयान के बाद से ही यह समझा जा रहा हैं कि वह अभी मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे। हालांकि उन्होंने कभी भी सीधे तौर पर नहीं कहा कि वह सीएम की रेस में है। मगर राजस्थान में सबसे ज्यादा चर्चा में उनका नाम था। महंत बालक नाथ को जब तिजारा विधानसभा से चुनाव लड़ने के लिए भेजा गया था तब से ही ये अटकले थी कि वह मुख्यमंत्री का चेहरा हो सकते हैं।



