सीज़फायर को लेकर ट्रंप का दावा, मोदी सरकार के सूत्रों ने की पुष्टि
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच 2021 में हुए सीज़फायर में उनकी अहम भूमिका रही थी। ट्रंप ने कहा कि उनके हस्तक्षेप के बाद ही दोनों देशों के बीच नियंत्रण रेखा (LoC) पर संघर्षविराम पर सहमति बनी थी।
भारत सरकार के सूत्रों ने को बताया कि ट्रंप का दावा काफी हद तक सही है। 2021 में अमेरिका और कुछ अन्य देशों के पीछे की कूटनीतिक कोशिशों के चलते भारत और पाकिस्तान के सैन्य अधिकारियों के बीच बातचीत हुई, जिसके बाद सीज़फायर की घोषणा हुई।
हालांकि, यह बातचीत सीधे तौर पर सार्वजनिक नहीं की गई थी, लेकिन यह स्पष्ट है कि अंतरराष्ट्रीय दबाव और पहल से यह सफलता मिली।
सीजफायर पर बनी सहमति, 12 मई को फिर होगी बातचीत
विदेश मंत्रालय के सचिव विक्रम मिसरी ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि शनिवार (10 मई,2025) की दोपहर पाकिस्तान डीजीएमओ ने फोन कॉल कर पहल की, जिसके बाद चर्चा हुई और सहमति बनी. उन्होंने कहा कि किसी अन्य मुद्दे पर किसी अन्य स्थान पर बातचीत करने का कोई निर्णय नहीं हुआ है. उन्होंने कहा, “पाकिस्तान के सैन्य संचालन महानिदेशक (DGMO) ने आज दोपहर 15:35 बजे भारतीय DGMO को फोन किया. उनके बीच सहमति बनी कि दोनों पक्ष भारतीय मानक समयानुसार 17:00 बजे से जमीन, हवा और समुद्र में सभी तरह की गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई बंद कर देंगे. आज दोनों पक्षों को इस सहमति को लागू करने के निर्देश दिए गए हैं. सैन्य संचालन महानिदेशक 12 मई को 12:00 बजे फिर से बात करेंगे.”



