छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता मिली है। जिले में कुल 50 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है। आत्मसमर्पण करने वालों में 13 ऐसे माओवादी भी शामिल हैं, जिन पर सरकार द्वारा कुल 68 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
राज्य में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में माओवादियों ने एक साथ आत्मसमर्पण किया है।
बीजापुर जिले के पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वालों में माओवादियों की पीएलजीए बटालियन और अन्य कंपनियों में सक्रिय मिलिशिया कमांडर और डिप्टी कमांडर स्तर के माओवादी शामिल हैं।
बीजापुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव ने कहा, “उन्होंने खोखली और अमानवीय माओवादी विचारधारा, प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं द्वारा आदिवासियों के शोषण और आंदोलन के भीतर पनप रहे मतभेदों का हवाला देते हुए आत्मसमर्पण किया है। वे सुरक्षा बलों द्वारा शिविर लगाने और ‘निया नेल्लनार’ (आपका अच्छा गांव) योजना से भी प्रभावित हैं, जिसके तहत बल और प्रशासन दूरदराज के इलाकों में बुनियादी सुविधाएं प्रदान कर रहे हैं।”

आत्मसमर्पित माओवादियों को राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत प्रोत्साहन के तौर पर 25-25 हजार रुपए का चेक दिया गया।



